मुंबई बनेगी वर्ल्ड क्लास, महाराष्ट्र सबसे आगे


महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई ही नहीं,बल्कि पूरे राज्य को अगले 5 साल में बदलने का खाका तैयार किया है। इसमें 2020 तक राज्य के 20 जिलों में एक भी बेघर नहीं होने का दावा उन्होंने पेश किया है। इसके लिए एक्शन प्लॉन भी तैयार है, जबकि मुम्बई में मेट्रो रेल का पूरा जाल बिछाने की तैयारी है। दिल्ली से अगर तुलना की जाए तो उनकी योजना दिल्ली से कहीं वृह्द होगी। यह भविष्य को लेकर तैयार किया जाना प्लॉन है। इसके अलावा मुम्बई की लाइफ लाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन को भी विस्तार देने की योजना है। इसके लिए एक कॉरिडोर बनाया जाएगा जिसके बाद इससे 35 लाख लोग और ट्रेवल कर सकेंगे। एक तरह से पांच साल में पब्लिक ट्रांस्पोर्ट की कैपिसिटी 2.5 गुणा अधिक कर देंगे। इसके अलावा फडणवीस सरकार तकनीक में भी महाराष्ट्र को आगे देखना चाहते हैं। उसके लिए वह पहले तो बस, ट्रेन, मेट्रो और मोनो रेल का एक ही टिकट करने के पक्ष में हैं। उसके बाद एक एप तैयार किया जाएगा जिसमें इस बात की पूरी जानकारी होगी कि व्यक्ति को कहां जाना है, उसकी लोकेशन उसे मोबाइल एप पर मिलेगी। कौन सी ट्रेन जाएगी, कौन सा प्लेटफॉर्म होगा। इन सब की जानकारी उसे एप के जरिए ही मिल जाया करेगी। मुम्बई में अंडरग्राउंड रेलवे का काम तेजी से चल रहा है। यह एशिया की सबसे बड़ी लाइन होगी। सेन्ट्रल बीजेपी की गुड गवर्नेंस टीम के सामने उन्होंने रखा अपना एक्शन प्लान। मुंबई से लेकर महाराष्ट्र तक के विकास की योजनाओं पर मुख्यमंत्री देवेंन्द्र फडणवीस से पंजाब केसरी के सतेन्द्र त्रिपाठी की खरी-खरी…

22 हजार गांव होंगे अकाल मुक्त…
22 हजार गांव को अकाल मुक्त करेंगे। वाटरशेड, वाटर बॉडीज को विकसित करेंगे। हर गांव अपना वाटर बजटिंग करेगा। उसमें यह तय होगा कि पीने का पानी कितना चाहिए और खेती के लिए कितना चाहिए। हर साल पांच हजार गांव में यह काम होगा। इसके तहत 11 हजार गांव में 90 प्रतिशत काम हो चुका है। कुल 8 हजार गांव अकाल मुक्त कर चुके हैं। इस योजना के तहत 22 हजार गांव 2019-20 तक अकाल मुक्त हो जाएंगे। साधारणत: महाराष्ट्र में साढ़े छह हजार टैंकर लगते थे, इस साल डेढ़ हजार लगे हैं, पांच हजार कम हुए हंै। कई सालों के बाद महाराष्ट्र का एग्रीकल्चर ग्रोथ बढ़ा है। चार दिन में बारिश हुई है लेकिन यह अनुमान से कम है। इसके लिए वाटर स्ट्रक्चर तैयार होने से इसमें पानी है। कुओं में पानी है, इसके कारण सूखे की स्थिति से निपटा जा सका।

खेती के लिए होगी भविष्यवाणी…
इस वक्त महाराष्ट्र में 8 ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन हैं, अब 2069 बनाने का इरादा है। इसमें पांच सौ हो चुके हैं, इस साल के अंत तक सब हो जाएंगे। इनके बन जाने से गांव को बता सकेंगे कि कब और कितनी बारिश आएगी। आपको अपने खेत में क्या बोना और कब बोना चाहिए, यह बताया जा सकेगा। इससे फसल बर्बाद नहीं होगी और किसान खुशहाल होगा।

स्वच्छ भारत अभियान में आगे…
स्वच्छ भारत अभियान में बड़े राज्यों में सबसे आगे महाराष्ट्र है। ग्रामीण क्षेत्र में अभी तक 17 हजार गांव पंचायत और 30 हजार गांव ओडीएफ (शौच मुक्त प्रदेश) कर दिए हंै। मार्च 2018 तक पूरा महाराष्ट्र हो जाएगा। इस अभियान के तहत अब तक 20 लाख शौचालय बनाए गए हंै। शहरों में 2 अक्टूबर तक ओडीएफ घोषित कर दिया जाएगा। यहां पर शहर बहुत बड़े हंै फिर भी अक्टूबर तक लक्ष्य पूरा हो जाएगा।

लोकल ट्रेन पर एलीवेटेड कॉरिडोर बनेगा…
लोकल ट्रेन पर भी एलीवेटड कॉरिडोर तैयार कर रहे हैं। उसके कारण 35 लाख और यात्रियों को इसका फायदा मिल सकेगा। ढाई गुना पब्लिक ट्रांसपोर्ट पांच साल में तैयार हो जाएगा। मेट्रो, लोकल टे्रन, बस और मोनो रेल को सिंगल टिकट पर लाएंगे। इसके लिए ऐसा प्लॉन होगा कि मुंबई एप पर पता लग जाएगा कि उसे कहां जाना है। उसे पता लग जाएगा कि कौन सा स्टेशन कितनी दूर और कौन सी ट्रेन कब मिलेगी, यह सब पता लगेगा। मेट्रो मुंबई मेट्रोपोलिटिन रीजन (एमएमआर) के तहत थाणे, भिंवडी, कल्याण, बोरवली, न्यू मुंबई सब जगह मेट्रो जाने वाली है।

25 मिनट में पहुंचेंगे मुंबई से न्यू मुंबई…
मुंबई और नवी मुंबई को जोडऩे के लिए एक प्लॉन तैयार किया है। यह 20 साल पुराना प्रोजेक्ट फाइलों में पड़ा हुआ था। न्यू मुंबई और मुंबई को जोडऩे वाला प्रोजेक्ट 20 साल से लंबित है, इस प्रोजेक्ट पर अक्टूबर में काम शुरू हो जाएगा। यह देश का सबसे बड़ा सेतू होगा। इसकी लंबाई कुल 22 किलोमीटर होगी। यह मुंबई और न्यू मुंबई को जोड़ेगा। इसके माध्यम से 25 मिनट में मुंबई से न्यू मुंबई तक पहुंचा जा सकेगा। मुंबई का सारा ट्रैफिक व्यवस्थित करने के लिए तैयारी की है। कॉस्टल रोड तैयार किया जा रहा है। वर्ली- बांद्रा सी लिंक है, उसे वर्ली तक कॉस्टल रोड से जोड़ा जाएगा फिर बांद्रा से वर्सोवा सी लिंक को हमने मान्यता दी है। इससे मुंबई का वेस्टर्न पार्ट और बेहतर हो जाएगा।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट होगा शानदार…
शहरों में बड़े पैमाने पर विकास काम किया जा रहा है। मुंबई में मेट्रो का बहुत बड़ा नेटवर्क खड़ा कर रहे हंै। दिल्ली में रोड लेंथ 20 हजार किलोमीटर है, मुंबई की चार हजार किलोमीटर है। दिल्ली में पिछले 15 साल में 250 किलोमीटर मेट्रो का नेटवर्क खड़ा हुआ है। इसके मुकाबले मुंबई में 200 किलोमीटर का मेट्रो नेटवर्क का काम शुरू हो चुका है। 250 किलोमीटर मेट्रो का नेटवर्क बनाने का काम पांच साल में पूरा हो जाएगा। मेट्रो से 90 लाख यात्रियों को फायदा हो सकेगा।

२४ जिलों को जोड़ेगा सुपर एक्सप्रेसवे…
इस वक्त भारत का सबसे बड़ा एक्सप्रेस-वे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे है। इसकी लंबाई करीब 302 किलोमीटर है। इसके मुकाबले और मुंबई-नागपुर सुपर एक्सप्रेस-वे 700 किलोमीटर का है। महाराष्ट्र के 24 जिलों को इस एक्सप्रेस-वे से जोड़ा जाएगा। इससे 700 किलोमीटर की दूरी 8 घंटे में तय होगी। इसमें डेढ़ सौ की स्पीड लिमिट रखी गई है। इससे 24 जिले पोट से जुड़ जाएंगे। पेट्रोलियम मिनिस्ट्री से बात करके पेट्रोल लाइन, गैस की लाइन नीचे से जाएगी। इस तरह के प्रोजेक्ट कॉस्टल एरिया पर होते थे, लेकिन अब इसका फैलाव होगा।

कृषि में किया कैपिटल इंवेस्टमेंट…
हमारे यहां पर मराठवाड़ के जो किसान हैं उनकी परिस्थिति खराब है। पिछला जो कर्जा माफ हुआ है इससे उन्हें फायदा नहीं है। किसानों में लोन माफ करने की बात तत्काल राहत देने वाला तो है, लेकिन इससे किसानों को पूरी तरह राहत नहीं मिल पाती है। मेरे सामने यह प्रश्न नहीं है कि किसानों का कर्जा कैसे माफ हो? हम वह कर देंगे, लेकिन प्रश्न यह है कि ऐसा होने के बाद भी खेती में जो इंवेस्टमेंट है वह खत्म नहीं होना चाहिए। हम लोगों ने खेती के क्षेत्र को राहत की बजाए इंवेस्टमेंट की तरफ लेकर जा रहे हैं। पिछले साल हमने 25 हजार करोड़ रुपए का कैपिटल इंवेस्टमेंट खेती में किया। कैपिटल इंवेस्टमेंट खेती में बहुत बड़े पैमाने पर कर रहे हैं।

20 साल से रुका न्यू मुंबई एयरपोर्ट का काम होगा चालू…
अंडर ग्राउंड रेलवे एशिया की सबसे बड़ी लाइन है। इस पर बड़ी स्पीड से काम चल रहा है। न्यू मुंबई एयरपोर्ट का काम चल रहा है। 20 साल से इस एयरपोर्ट की केवल संकल्पना चल रही है। विभिन्न राज्यों में प्रगति के लिए पीएम मोदी जी वीडियो कॉन्फं्रेसिंग के जरिए बात करते हंै। न्यू मुंबई एयरपोर्ट का काम चालू करने के लिए 8 एनओसी रुकी हुई थी, जिस दिन यह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग होने वाली थी, उस दिन तक 7 एनओसी मिल गई। एक बची हुई एनओसी पर जब पीएम ने पूछा तो संबंधित अधिकारी ने 15 दिन में देने का वादा किया है औेर 7 दिन में दे दिया। इसका टेंडर हो गया और काम चालू है।

2020 तक नहीं होगा कोई बेघर…
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हम बड़े पैमाने पर काम कर रहे हंै। करीब ढाई लाख घर निर्माणाधीन हैं। 2019 तक 50 प्रतिशत जिले में कोई बेघर नहीं होगा। 2020 तक पूरा महाराष्ट्र में कोई बेघर नहीं होगा। सबके पास अपना घर होगा, ऐसी योजना पर काम किया जा रहा है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए महाराष्ट्र सरकार बहुत तेजी से काम कर रही है।

गांव होंगे डिजिटल…
महाराष्ट्र सरकार ग्राम विकास के क्षेत्र में काम कर रही है। भारत नेट के साथ महानेट प्रोग्राम चला रहे हंै। 29 हजार गांव पंचायत डिजिटल स्कूल, डिजिटल ग्राम पंचायत, आरोग्य केन्द्र व अन्य व्यवस्था डिजिटल हो चुकी हैं। अगले साल के अंत तक हर गांव डिजिटल करने का लक्ष्य है। इससे हर गांव का विकास तीव्र गति से हो सकेगा।

इंटरनेट बेस्ट…
महाराष्ट्र के आदिवासी इलाकों में डिजिटल क्रांति आई है। वो जो चीजें तैयार कर रहे हैं, अब वह खुद ही उन्हें इंटरनेट के जरिए अमेजन की साइट पर बेचे रहे हैं। वहां की अर्थव्यवस्था बदल गई है, खासतौर पर 29 गांव एकदम बदल गए हैं, वह भी एक साल में।

एक हजार गांव होंगे आइडियल…
एक हजर गांव आइडियल विलेज होंगे। इसके तहत एक ट्रस्ट बनाया गया है। इसमें 50 प्रतिशत सीएसआर और 50 प्रतिशत सरकार देगी। इसके तहत हमारा एक प्रशिक्षित फैलो हर गांव में जाएगा। वह गांव में दो साल रहेगा। उसे भुगतान किया जाएगा। इनके जरिए एक हजार गांव बेस्ट बनाए जाएंगे। अमरावती का इलाका सूखाग्रस्त है, यहां पर किसानों की मौत पूरे देश की सुर्खियों में रही हंै। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि यहां कनेक्टीविटी की समस्या है। यह इलाका डिस्कनेक्ट हो जाता है। यूएसए दौरे पर जाने से पता चला कि इसमें सुधार किया जा सकता है। इसके तहत इस क्षेत्र को डिजिटलाइजेशन किया गया है। टेलीमेडीसन को भी अपनाया है तो यहां बिजली भी आ गई है। कनेक्टीविटी बढ़ी है।