राधे माँ को अदालत से राहत नहीं


मुंबई : विवादित धर्मगुरू राधे मां को मुंबई के बोरीवाली अदालत से आज राहत नहीं मिली। राधे मां ने अपने ऊपर चल रहे घरेलू हिंसा के एक मामले से अपना नाम हटाने के लिए अदालत में अर्जी दी थी लेकिन अदालत ने मामले से उनका नाम हटाने से इंकार कर दिया। गौरतलब है कि वर्ष 2015 में एक 32 वर्षीय महिला ने अपने ससुराल के लोगों और राधे मां के खिलाफ दहेज प्रताडऩा का मामला दर्ज कराया था।

उसने आरोप लगाया था कि राधे मां ने उसके ससुराल वालों को उसे परेशान करने के लिए उकसाया था। इस मामले में बाद में पुलिस ने राधे मां से पूछताछ भी की थी। इसी मामले को लेकर राधे मां ने अदालत से गुहार लगाई थी कि उनका नाम हटा दिया जाय।एक हफ्ते के भीतर राधे मां को ये दूसरा झटका है।

5 सितंबर को ही पंजाब के रहने वाले सुरेंद्र मित्तल की याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब पुलिस को राधे मां के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। सुरेंद्र मित्तल ने शिकायत की थी कि राधे मां उसको फोन करके परेशान करती है। वह उसके खिलाफ बोलने पर डराती है और जान से मारने की धमकी देती है। आपको बता दें कि खुद को देवी बताने वाली राधे मां किसी ना किसी वजह लगातार विवादों में बनी रहती हैं। उनके नाम पर कई मुकदमें भी दर्ज हैं।