पूर्व कांग्रेसी नेता मणिशंकर अय्यर ने एक बार फिर विवादित बयान देकर राजनीति के गलियारों में हलचल मचा दी है। इस बार मणिशंकर ने पीएम मोदी के बारे बयान देकर चर्चा में है। अय्यर ने पीएम पर निशाना साधते हुए कहा है कि उन्होंने 2014 के पहले सोचा नहीं था कि एक मुख्यमंत्री जो मुसलमानों को पिल्ले समझता है पीएम बन जाएगा। उन्होंने कहा, ‘तब नरेंद्र मोदी से पूछा गया कि क्या उनको दुख है कि इतने मुसलमानों की जान की कुर्बानी देनी पड़ी 2002 में।’ उन्होंने कहा ‘एक पिल्ला भी गाड़ी के नीचे आ जाए तो दिल में कुछ चोट लगती है।’ उन्‍होंने आगे कहा, ‘मैंने सोचा नहीं था कि जिस आदमी ने ऐसा कहा हो।

जो 24 दिन तक मुसलमानों के रिफ्यूजी कैंप में नहीं गया, और अहमदाबाद मस्जिद उस दिन पहुंचा जब तब के पीएम वाजपेयी आए और उनके साथ मजबूरी था।’ इस दौरान मणिशंकर अय्यर ने धर्मनिरपेक्षता के प्रचार-प्रसार में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के योगदान की सराहना की। मणिशंकर अय्यर ने कहा, ‘हमारे पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने हमें राष्ट्रवाद की सही परिभाषा बताई। मैंने उनसे सीखा कि बहुसंख्यक सांप्रदायिकता से अल्पसंख्यक सांप्रदायिकता बेहतर है। उन्होंने हमें बताया कि हम या तो धर्मनिर्पेक्ष हो सकते हैं या फिर देश भी नहीं हो सकते।

‘उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे हिन्दू, बुद्धिस्ट, जैन, इसाई धर्म के लोगों पर गर्व है और मुझे मुस्लिमों पर बहुत गर्व है। मुस्लिमों ने भारत पर 666 साल राज किया। बता दें कि मणिशंकर अय्यर ने गुजरात चुनाव प्रचार के दौरान भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। मोदी ने तब उनके ही शब्दों को गुजरात चुनाव प्रचार में इस्तेमाल किया था। 2014 के पहले लोकसभा चुनाव से पहले भी उन्होंने कहा कि मोदी कभी भारत के प्रधानमंत्री नहीं बन सकते हैं। अगर वो चाहे तो कांग्रेस वर्किंग कमेटी में आकर चाय बेच सकते हैं।

मणिशंकर अय्यर ने इससे पहले कई बार पीएम मोदी पर हमला बोला है। अय्यर ने कराची में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पाकिस्तान की नीतियों पर खुशी जाहिर की थी। तब अय्यर ने कहा, ‘भारत और पाकिस्तान के बीच मुद्दों को सुलझाने के लिए सिर्फ एक ही रास्ता है-निरंतर और निर्बाध बातचीत। मुझे बहुत गर्व है कि पाकिस्तान ने इस नीति को स्वीकार कर लिया है। मगर दुख भी है कि इस वार्ता को भारतीय नीति को तौर पर नहीं अपना गया है।’