पिछले महीने पश्चिमी अफ्रीका के बेनिन तट से लापता हुए मर्चेंट शिप को रिहा कर दिया गया है। भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि 22 भारतीयों के साथ लापता हुए मर्चेंट शिप को रिहा कर दिया है। पिछले महीने 30 जनवरी को पश्चिमी अफ्रीका के बेनिन तट पर गैस ऑयल टैंकरों से लदा जहाज गायब हो गया था। जिसके बाद एमटी मरीन एक्सप्रेस के मालिक ने मुंबई में शिपिंग डायरेक्टर जनरल से मदद मांगी थी।

आपको बता दे कि अधिकारियों ने बताया कि समुद्री डाकुओं ने चार दिन बाद चालक दल के सभी सदस्यों को छोड़ दिया है। वे सुरक्षित हैं और जहाज ने आगे का अपना सफर शुरू कर दिया है।

सुषमा ने ट्वीट किया, ‘‘ मुझे आपको यह जानकारी देते हुए खुशी हो रही है कि मार्चेंट शिप मरीन एक्सप्रेस को छोड़ दिया गया है। इसपर 22 भारतीय नागरिक सवार थे।’’

विदेश मंत्रालय ने मामले में मदद के लिए नाइजीरिया और बेनिन की सरकार का धन्यवाद किया।  सुषमा ने लापता तेल टैंकर का पता लगाने में मदद मांगने के लिए कल नाइजीरिया के अपने समकक्ष से बात की थी। अबुजा में भारतीय मिशन जहाज का पता लगाने के लिए नाइजीरिया और बेनिन के संपर्क में था। मुंबई में नौवहन की महानिदेशक मालिनी शंकर ने  बताया, ‘‘ मरीन एक्सप्रेस नाम के जहाज को छोड़ दिया गया है और यह अब कप्तान की कमान में है।’’

अभी स्पष्ट नहीं हो सका है कि पोत और सामान को छुड़ाने के लिए फिरौती दी गई है या नहीं। मरीन एक्सप्रेस को बेनिन में गिनी की खाड़ी में एक फरवरी को समुद्री डाकुओं ने अगवा कर लिया था। पोत पर मौजूद सभी संपर्क प्रणालियों को समुद्री डाकुओं ने बंद कर दिया था। जहाज मैनिंग एजेंट ‘एंग्लो इर्स्टन’ ने फेसबुक पर एक पोस्ट के माध्यम से बताया कि पनामा के ध्वजवाहक इस पोत को समुद्री डाकुओं ने अगवा कर लिया था। उन्होंने जहाज को सुरक्षित छोड़े जाने की पुष्टि की। पोस्ट में बताया गया है कि जहाज में 13,500 टन गैसोलिन अब भी है।

नौहवन महानिदेशालय (डीजीएस) के एक अधिकारी ने पहले बताया था कि समुद्र के जिस हिस्से से पोत को अगवा किया गया है वह असुरक्षित है क्योंकि इलाका समुद्री डाकुओं से भरा है। इस तरह की भी घटनाएं है कि समुद्री डाकुओं ने फिरौती की मांग किए बिना जहाज पर मौजूद सामान को लेकर पोत और चालक दल के सदस्यों को जाने दिया है। इस घटना के संबंध में डीजीएस के अधिकारियों ने नाइजीरिया में भारतीय मिशन से संपर्क किया जो स्थानीय एजेंसियों के साथ बचाव प्रयासों में समन्वय कर रहा था।

बेनिन के तट के पास जनवरी में एमटी बैरेट नाम के पोत के लापता होने के एक महीने से भी कम वक्त में यह जहाज लापता हुआ था। बाद में पुष्टि हुई थी कि एमटी बैरेट को अगवा कर लिया गया था। इस पोत पर चालक दल के 22 सदस्य थे जिसमें से अधिकतर सदस्य भारतीय थे। इसे फिरौती देने के बाद छोड़ा गया था।

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