जम्मू – कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और विपक्षी पार्टी नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने आज केंद्र सरकार के रमजान के पवित्र महीने के दौरान जम्मू – कश्मीर में सैन्य अभियान नहीं चलाने के फैसले का स्वागत किया है।

महबूबा ने एक बयान में कहा , “ पिछले तीन दशक से अनिश्चितता और हिंसा के दंश का सामना कर रहे इस राज्य के लोगों को इस निर्णय से काफी मदद मिलेगी। धैर्य , आत्म संयम , सहिष्णुता और धैर्य के मूल्य का प्रचार करने वाले रमजान महीने से बेहतर इस फैसले के लिए और क्या सही समय हो सकता था। ”

उन्होंने कहा कि लंबे समय से शांति की प्रतीक्षा कर रहे लोगों को यह संघर्षविराम आराम से सांस लेने का मौका देगा।

मुख्यमंत्री ने इस ‘ ऐतिहासिक कदम ’ के लिए खासतौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मौदी और गृह मंत्री राजनाथ सिंह का शुक्रिया अदा किया।
उन्होंने कहा , “ यह कदम देश के नेतृत्व द्वारा राज्य के लोगों की दर्द भरी दास्तां सुनने की शुरुआत है।

मुख्यमंत्री ने सभी पक्षों से इस कदम को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देने की अपील की है। केंद्र सरकार की घोषणा के बाद उन्होंने एक ट्वीट में कहा , “ मैं दिल से रमजान में संघर्षविराम का स्वागत करती हूं और नरेंद्र मोदी तथा राजनाथ सिंह जी का उनके निजी हस्तक्षेप के लिए धन्यवाद देती हूं। मैं उन सभी पार्टियों और नेताओं की भी आभारी हूं जिन्होंने सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लेकर इस सामंजस्य तक पहुंचने में मदद की। ’’

उन्होंने कहा कि रमजान शांति का अग्रदूत है और इस तरह का फैसला दीर्घकालीन वार्ता के लिए शांति बहाल करने और सौहार्दपूर्ण माहौल तैयार करने में भूमिका निभाएगा।

वहीं विपक्षी दल के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा कि रमजान के दौरान सैन्य अभियान पर रोक लगाने के केंद्र सरकार के फैसले का अगर आतंकवादी सकारात्मक तरह से जवाब नहीं देते हैं तो इससे पता चलेगा कि वह लोगों के दुश्मन हैं।

उन्होंने एक ट्वीट में कहा , “ सभी राजनीतिक पार्टियों ( भाजपा को छोड़कर , इस पार्टी ने इस मांग का विरोध किया था ) की मांग पर केंद्र सरकार ने एकपक्षीय संघर्षविराम की घोषणा की। अगर आतंकवादी इस फैसले का सकारात्मक जवाब नहीं देते हैं तो इससे पता चलेगा कि वह लोगों के दुश्मन हैं। ”

इससे पहले आज केंद्र ने सुरक्षा बलों से रमजान के महीने में जम्मू – कश्मीर में सैन्य अभियान नहीं चलाने को कहा था। नई दिल्ली में गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह कदम शांतिप्रिय मुस्लिमों को शांतिपूर्ण माहौल में रमजान मनाने में मदद करेगा।

प्रवक्ता ने कहा कि हालांकि , सुरक्षाबलों के पास यह अधिकार है कि अगर हमले होते हैं या निर्दोष लोगों की सुरक्षा पर संकट खड़ा होता है तो वह जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं।

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