नई दिल्ली : कांग्रेस का कहना है कि नोटबंदी के दुष्परिणाम अब सामने आने लगे हैं और अर्थव्यवस्था चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है तथा समय रहते इसमें सुधार के आवश्यक उपाय नहीं किए गए तो यह पतन के गर्त में जा सकती है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार को विपक्ष की सही सलाह पसंद नहीं है और गर्त में जा रही अर्थव्यवस्था पर अपनी कमजोरियों को स्वीकार करने के लिए भी वह तैयार नहीं है इसलिए सरकार मीडिया के जरिए साबित करने में जुटी है कि अर्थव्यवस्था ठीक तरह से आगे बढ़ रही है।

पार्टी का कहना है कि नोटबंदी के दुष्परिणामों को लेकर जो आशंका पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने व्यक्त की थी वह अब सही साबित होने लगी है लेकिन सरकार अपनी कमजोरी छिपाने के लिए इसे मानने को तैयार नहीं है। पार्टी ने अपने मुख पत्र ‘कांग्रेस संदेश’ के ताजा अंक के संपादकीय में आरोप लगाया है कि देश की अर्थव्यवस्था में तेजी से गिरावट हो रही है। पार्टी ने इस पर गहरी चिंता जाहिर करते हुए मोदी सरकार पर सीधा हमला किया और कहा कि भाजपा की ‘चतुर तथा बरगलाने वाली’ सरकार ने अर्थव्यवस्था की गलत तस्वीर पेश करने के लिए औद्योगिक उत्पादन एवं थोक मूल्य सूचकांक के आकलन के इंडेक्स का आधार वर्ष ही बदलने का फैसला किया है।

इस फैसले में आधार वर्ष 2002 की जगह 2011 तय किया गया है ताकि विकास दर बढ़ी हुई दिखे। मुख पत्र में पार्टी ने विकास के आंकड़े को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी तीखा हमला किया और कहा, ‘विदेश की बहुत यात्रा करने वाले प्रधानमंत्री ने हाल में जर्मनी की अपनी यात्रा के दौरान यह दावा किया कि भारतीय अर्थव्यवस्था सात प्रतिशत सालाना दर से विकास कर रही है लेकिन इसने निर्माण क्षेत्र में किसी भी तरह से विदेशी निवेश को आकर्षित नहीं किया है। विदेशी निवेश ज्यादातर रिटेल और सेवा क्षेत्र में ही आ रहा है। सभी दावों के बावजूद कारोबार सूचकांक में भारत 130वें स्थान पर है।’

नोटबंदी के फैसले पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए पार्टी ने कहा, ‘विश्वविख्यात अर्थशास्त्री एवं पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. सिंह ने चेतावनी दी थी कि इसका अर्थव्यवस्था और विकास पर बुरा असर पड़ेगा और जीडीपी में लगभग दो प्रतिशत की गिरावट आएगी। सरकार ने उनके दावे को खारिज कर दिया, परंतु अब इसका असर दिख रहा है। जीडीपी में गिरावट आई है, रोजगार का बाजार टूट गया है, औद्योगिक उत्पादन कम हो गया है, शिक्षित और अशिक्षित कोई अवसर नहीं मिल पाने की वजह से अपने जीवन में सिर्फ निराशा देख रहे हैं।’

कांग्रेस ने कहा है कि पिछले वर्ष नवंबर में नोटबंदी की घोषणा के समय मोदी सरकार ने इसको लेकर जो दावे किए थे वे सब गलत साबित हुए हैं। पार्टी का आरोप है कि अर्थव्यवस्था पर नोटबंदी का विपरीत असर हुआ है और इससे साबित हो गया है कि मोदी सरकार विपक्ष की हर आवाज को दबा रही है। पार्टी ने सरकार को अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए उपाय करने की सलाह देते हुए कहा है, ‘अगर मोदी के नेतृत्व की सरकार वास्तव में देश के लिए कुछ अच्छा करने की इच्छुक है तो उसे अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने पर ध्यान देना चाहिए ताकि हम पतन के गर्त में जाने से बच सकें जहां से एक खास समय के भीतर वापस आना लगभग असंभव होगा।