आम आदमी पार्टी नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने नरेंद्र मोदी सरकार पर लोकतंत्र की आवाज ‘‘दबाने’’ और अपनी “जन विरोधी” नीतियों के खिलाफ विपक्षी दलों को प्रदर्शन नहीं करने देने का आरोप लगाया। राज्यसभा में चुने जाने पर पार्टी की महाराष्ट्र इकाई ने संजय सिंह के सम्मान में कल एक कार्यक्रम का आयोजन किया था। इस दौरान सिंह ने यह आरोप लगाए।

उन्होंने आरोप लगाया कि राजग सरकार सभी मोर्चों पर “विफल” रही है और वह अपनी “आम आदमी विरोधी” नीतियों के खिलाफ विपक्षी दलों को प्रदर्शन की इजाजत नहीं दे रही है। उपनगरीय गोवंडी इलाके में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर सरकारी एजेंसियों के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, “भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार लोकतंत्र की आवाज दबाने पर तुली हुई है और वह पकौड़ों की बिक्री कर हमें अपनी चिंताओं का इजहार भी नहीं करने दे रही है।” सिंह ने कहा, “यह सरकार कुशासन के खिलाफ हमारी लड़ाई को रोकने के लिए अपनी पूरी मशीनरी और एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। जबसे दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार आई है हमारे 15 विधायकों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जा चुका है। सीबीआई ने तो मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के दफ्तर तक पर छापा मारा।”

राज्यसभा सदस्य ने कहा कि उनकी पार्टी विकास की राजनीति में विश्वास करती है जबकि इस (भाजपा के नेतृत्व वाली) सरकार को चला रहे लोग “विभाजक” राजनीति में लगे हैं। उन्होंने कहा, “वे बांटो और शासन करो में विश्वास रखते हैं जबकि हम समाज के सभी वर्गों के संपूर्ण विकास की बात में विश्वास रखते हैं।” परोक्ष रूप से संघ पर निशाना साधते हुये सिंह ने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने कभी अपने मुख्यालय पर तिरंगा नहीं फहराया, अब “देशभक्ति का प्रमाण-पत्र बांट रहे हैं।”

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