मोदी-शी जिनपिंग की गर्मजोशी से मुलाकात


हैम्बर्ग : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने यहां ब्रिक्स देशों की अनौपचारिक बैठक के दौरान एक- दूसरे से गर्मजोशी से मुलाकात की और विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने ट्वीट किया, ”चीन द्वारा आयोजित ब्रिक्स नेताओं की अनौपचारिक बैठक में श्री मोदी और श्री जिनपिंग के बीच कई मुद्दों पर बातचीत हुई।” लेकिन उन्होंने बातचीत का कोई ब्यौरा नहीं दिया। दोनों देशों के बीच सिक्किम सीमा पर चल रहे तनाव के मद्देनजर दोनों नेताओं के बीच इस बातचीत को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों नेताओं ने ब्रिक्स देशों की अनौपचारिक बैठक में अपने वक्तव्यों में एक-दूसरे के बारे में सकारात्मक टिप्पणियां करके वातावरण खुशगवार बनाया। बैठक समाप्त होने पर जब सभी नेता उठे तो श्री मोदी और ब्रिक्स के वर्तमान अध्यक्ष चीनी राष्ट्रपति का आमना-सामना हुआ। दोनों नेताओं ने मुस्कराहट के साथ गर्मजोशी से हाथ मिलाया और दोनों के बीच कुछ देर अलग से बातचीत भी हुई। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी प्रधानमंत्री के साथ मौजूद थे।

श्री मोदी ने अपने वक्तव्य की शुरुआत में ही कहा, ”सर्वप्रथम राष्ट्रपति शी जिनपिंग के स्वागत भरे शब्दों तथा इस बैठक की मेजबानी करने के लिए धन्यवाद।” इसके बाद उन्होंने आतंकवाद, पश्चिम एशिया, उत्तर कोरिया के साथ तनाव आदि का उल्लेख करने के साथ ही वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर में सुधार पर संतोष जताया। उन्होंने भारत में इस साल 7 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर की संभावना व्यक्त करते हुए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के लागू होने का भी उल्लेख किया और कहा कि इससे 1.3 अरब लोगों का एकीकृत बाजार बनेगा। श्री मोदी ने संरक्षणवादी आर्थिक नीतियों के विरुद्ध आवाज बुलंद की और पेरिस समझौते को लागू करने एवं आतंकवाद के विरुद्ध वैश्विक कार्रवाई में ब्रिक्स के नेतृत्व पर बल दिया। उन्होंने ब्रिक्स रेटिंग एजेंसी का गठन करने एवं अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों द्वारा संतुलित व्यवहार पर भी जोर दिया। श्री मोदी ने कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अध्यक्षता में ब्रिक्स की गतिशीलता तथा सकारात्मक प्रगति ने हमारे आपसी सहयोग को और भी गहरा किया है। उन्होंने कहा, ”अंत में मैं राष्ट्रपति शी जिनपिंग को आगामी नौवें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए शुभकामनाएं तथा पूर्ण समर्थन देता हूं।”

चीनी राष्ट्रपति ने अपने वक्तव्य में आतंकवाद के विरुद्ध भारत के दृढ़ संकल्प और उसके अध्यक्षीय काल में संगठन की गतिशीलता की सराहना की। उन्होंने गत वर्ष गोवा में ब्रिक्स शिखर बैठक के निष्कर्षों का भी उल्लेख किया। चीनी राष्ट्रपति ने आर्थिक एवं सामाजिक विकास में भारत की सफलता की सराहना की तथा भविष्य में और प्रगति की कामना की। डोकलाम में आमने-सामने हैं दोनों देश चीन, भारत और भूटान की सीमा वाले डोकलाम इलाके में भारत एवं चीन के बीच पिछले तीन सप्ताह से गतिरोध बना हुआ है क्योंकि वहां चीन की सेना की ओर से सड़क का निर्माण करने की कोशिश की गई थी। इस क्षेत्र को भूटान डोकलाम के तौर पर मान्यता देता है जबकि चीन इसे डोंगलांग क्षेत्र का हिस्सा बताकर अपना दावा करता है।