मोदी ने प्रणब को लिखी दिल को छू लेने वाली चिट्ठी


भारतीय गणतंत्र के 13वें राष्‍ट्राध्‍यक्ष रहे प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल बीती 24 जुलाई, 2017 को समाप्‍त हुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को उनके राष्ट्रपति कार्यालय में आखिरी दिन चिट्ठी के रूप में खास तोहफा दिया। पूर्व में पीएम मुखर्जी को अपने पिता के समान बुलाकर सम्मान जता चुके हैं। ट्विटर पर मोदी के दिए तोहफे को खुद प्रणव मुखर्जी ने शेयर भी किया। उन्होंने पीएम की तरफ से लिखी चिट्ठी को दिल को छू लेने वाला बताया।

प्रधानमंत्री के पत्र को शेयर करते हुए पूर्व राष्ट्रपति ने लिखा कि राष्ट्रपति कार्यालय में मेरे आखिरी दिन मुझे यह चिट्ठी प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से मिली। इस पत्र ने मेरे दिल को छू लिया और इसे मैं आप सबके साथ शेयर कर रहा हूं।’ प्रधानमंत्री ने पत्र में प्रणव दा के व्यक्तित्व की सराहना की और उन्हें अपने लिए प्रेरणा का स्त्रोत बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने पत्र में तत्कालीन राष्ट्रपति को “प्रिय प्रणब दा” कहकर संबोधित किया है। दो पन्नों के इस पत्र पर 24 जुलाई 2017 की तारीख है। पीएम मोदी ने पत्र में प्रणब मुखर्जी को उनके “विशिष्ट जीवन यात्रा के नए चरण” के लिए शुभकामना दी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा है कि 3 साल पहले मैं एक बाहरी की तरह दिल्ली में आया। मेरे सामने बड़ी चुनौतियां थी। ऐसे समय में, आप सदैव मेरे पिता-तुल्‍य और मार्गदर्शक रहे। आपकी मेधा, ज्ञान दिशा-निर्देश और निजी स्नेह से मुझे आत्मविश्वास और शक्ति मिली।’ पीएम मोदी ने लिखा है, ”आपके अथाह ज्ञान के बारे में सबको पता है। चाहे वो राजनिति हो या अर्थशास्त्र या विदेश नीति या राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे हों, मैं विभिन्न विषयों से जुड़ी आपकी अंतरदृष्टि से सदैव चकित होता रहा हूं।

प्रधानमंत्री मोदी ने पत्र में विभिन्न मुद्दों पर प्रणव मुखर्जी के ज्ञान और दृष्टि की तारीफ की है। प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा है, “आपके अथाह ज्ञान के बारे में सबको पता है। चाहे वो राजनिति हो या अर्थशास्त्र या विदेश नीति या राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे हों, मैं विभिन्न विषयों से जुड़ी आपकी अंतरदृष्टि से सदैव चकित होता रहा हूं।”

प्रधानमंत्री मोदी ने पत्र में इस बात को भी रेखांकित किया है कि वो और प्रणब मुखर्जी अलग-अलग राजनीतिक दलों और जीवनधाराओं से यहां तक पहुंचे हैं। पीएम मोदी ने लिखा है, “प्रणब दा, हमारी राजनीतिक यात्रा अगल-अलग राजनीतिक दलों के माध्यम से हुई है। कई मौकों पर हमारी विचारधारा अलग रही है। हमारे जीवन अनुभव भी भिन्न हैं। मेरे पास केवल मेरे राज्य का प्रशासनिक अनुभव था जबकि आपके पास कई दशकों का राष्ट्रीय राजनीति और नीति का अनुभव था, फिर भी हम आपसी सामंजस्य के साथ काम कर पाए।”

प्रधानमंत्री मोदी ने पत्र में प्रणब मुखर्जी को उस पीढ़ी का नेता बनाया है जिसके लिए राजनीति का मकसद समाजसेवा थी। प्रणब मुखर्जी को पीएम मोदी ने भविष्य के लिए शुभकामनाएं देने के साथ ही लिखा है, “राष्ट्रपति जी, ये मेरे लिए गर्व की बात है कि मुझे आपके प्रधानमंत्री के तौर पर काम करने का अवसर मिला।”

25 जुलाई को रामनाथ कोविंद ने देश के 14वें राष्ट्रपति के तौर पर पद की शपथ ली। कोविंद ने चुनाव में कांग्रेस समेत 17 दलों की उम्मीदवार मीरा कुमार को हराया।