मानसून सत्र शुरू, मोदी ने बताया ‘GST’ का नया मतलब


संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो गया है। मानसून सत्र के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसद पहुंचने पर मीडिया से बात की। मीडिया के साथ हुई वार्ता में उन्होंने मानसून सत्र के लिए उम्मीदें जाहिर की और कहा कि जीएसटी के साथ मानसून सत्र नई सुगंध और नई उमंग से भरा रहेगा। साथ ही मोदी ने GST का मतलब बताते हुए कहा, “Going Stronger Together, एक साथ काम करने का दूसरा नाम है।”

पीएम मोदी ने कहा, “हम 15 अगस्त को आजादी की 70 साल की यात्रा पूरी कर रहे हैं। भारत छोड़ो आंदोलन के 75 साल पूरे होंगे। इसी सत्र में राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुने जाएंगे।” मोदी ने जीएसटी को सफल बताते हुए कहा, “जब देश के सभी राजनीतिक दल, सभी सरकारें सिर्फ और सिर्फ राष्ट्रहित के तराजू पर तौलकर फैसला करती हैं, तो कितना महत्वपूर्ण राष्ट्रहित का काम होता है, वह जीएसटी में सफल और सिद्ध हो चुका है।”

मोदी ने किसानों को किया नमन..

पीएम नरेंद्र मोदी ने किसानों को नमन करते हुए कहा, “सत्र के शुरुआत में देश के उन किसानों को नमन करते हैं, तो इस मौसम में कठोर मेहनत कर देश की खाद्य सुरक्षा का इंतजाम करते हैं।” मोदी ने कहा कि देशवासियों का इस मानसून सत्र पर विशेष ध्यान रहेगा।

किन मुद्दों पर होगी चर्चा और किस मुद्दे पर सरकार को घेरेगा विपक्ष?

मानसून सत्र के दौरान गौ रक्षकों से जुड़े घटनाक्रम, किसानों के प्रदर्शन, कश्मीर में तनाव, कुछ विपक्षी नेताओं के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार को लेकर कानून अनुपालन एजेंसियों की कार्रवाई, सिक्किम सेक्टर में चीन के साथ जारी गतिरोध जैसे मुद्दे उठेंगे और विपक्ष इन मुद्दों पर सरकार को घेरने का प्रयास करेगा। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर विपक्षी दलों में दो फाड़ होने की उम्मीद है क्योंकि लेफ्ट और जदयू की ओर से टीएमसी और आरजेडी का बचाव करने की संभावना नहीं दिख रही है। मानसून सत्र में कुल 19 बैठके होंगी 26 दिनों की कार्यावधि में चार प्राईवेट मेंम्बर्स दिवस होंगे। लोक सभा में 21 बिल और राज्य सभा में 42 बिल पेंडिंग है।