नरोदा पाटिया मामला : गुजरात हाईकोर्ट ने 3 दोषियों को सुनाई 10-10 साल की सजा


Gujarat High Court

बहुचर्चित नरोदा पाटिया मामले में गुजरात हाईकोर्ट ने आज तीन आरोपियों के खिलाफ फैसला सुनाया है। 2002 नरोदा पाटिया केस में हाईकोर्ट ने दोषी उमेश भारद्वाज, पदमेंद्र सिंह राजपूत और राजकुमार चौमल को 10 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है जबकि हाईकोर्ट ने दोषियों पर एक हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। इससे पहले इस मामले में साल 2012 के फैसले में तीनों दोषियों – पी जी राजपूत , राजकुमार चौमल और उमेश भरवाद सहित 29 अन्य को एसआईटी की विशेष अदालत ने बरी कर दिया था। आपकी जानकरी के लिए बता दें की मुख्य आरोपी गुजरात की पूर्व बीजेपी मंत्री माया कोडनानी को बरी कर दिया गया था।

जबकि इसी केस में बाबू बजरंगी की आजीवन कारावास की सजा को कोर्ट ने बरकरार रखा था। बाबू बजरंगी के अलावा इस मामले में आरोपी किशन कोरणी, मुरली नारणभाई सिंधी और सुरेश लंगाडो को भी दोषी करार दिया गया था। 27 फरवरी 2002 को गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस की बोगियां जलाने की घटना के बाद अगले रोज जब गुजरात में दंगे की लपटें उठीं तो नरोदा पाटिया सबसे बुरी तरह जला था। आपको बता दें कि नरोदा पाटिया में हुए दंगे में 97 लोगों की हत्या कर दी गई थी। इसमें 33 लोग जख्मी भी हुए थे।

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