नेशनल वाटर वे-1 प्रोजेक्ट को लेकर नीतीश ने केंद्र सरकार पर साथ निशाना


Nitish Kumar

बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार के नेशनल वाटर वे-1 प्रोजेक्ट के बारे में कहा कि ये प्रोजेक्ट तब तक सफल नहीं होगा जब तक कि गंगा से गाद की समस्या का हल नहीं हो जाता। बीते रविवार को हुई नीति आयोग की बैठक में उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी के सामने राज्य की समस्या रखने के बाद उन्होंने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री हर्षवर्धन को सलाह दी कि दिल्ली वापस जाकर केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गड़करी को बताए कि गंगा में गाद की समस्या का निवारण किए बिना जलमार्ग से कार्गो जहाज नहीं चला सकते।

राष्ट्रीय जलमार्ग 1 (NW-1) गंगा नदी पर हल्दिया और वाराणसी के बीच जलमार्ग परियोजना है। नीतीश ‘ईस्ट इंडिया क्लाइमेट चेंज कॉन्क्लेव 2018’ में संबोधन के दौरान यह बोल रहे थे। बिहार में गंगा नदी में गाद की समस्या को लेकर नीतीश ने बयान दिया। नीतीश ने अपने भाषण में गाद की समस्या कितनी विकराल रूप लेती जा रही है उसका एक उदाहरण भी दिया। उन्होंने बताया कि जनवरी महीने से एक कार्गो जहाज बक्सर से 500 मीटर पहले फंसा हुआ है और उसे निकालने के लिए जो जहाज भेजा गया, वो 10 किलोमीटर पहले ही फंस गया।

नीतीश ने केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन से कहा कि नितिन गड़करी को बता दीजियेगा कि कार्गो जहाज का क्या हाल हैं। इस समारोह में नीतीश के भाषण और उसके तरीके से सब लोग भौचक्के थे। नीतीश कुमार ने इस कार्यक्रम में शामिल केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ हर्षवर्धन को कहा कि इस मुद्दे को वे कैबिनेट में साथी नितिन गडकरी के पास ले जाए। नितिन गडकरी ने कहा था कि बिहार में राज्य सरकार की लापरवाही के कारण 2 लाख करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं के फंसी हुई हैं। नीतीश ने बार-बार कहा कि उत्तराखंड और उतर प्रदेश में बड़े-बड़े बांध बनाए जाने के कारण गंगा नदी का पानी जितना बिहार में प्रवेश करता हैं, वो कम होता जा रहा है।

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