काजीरंगा में बाढ़ से 92 वन्यजीवों की मौत


नई दिल्ली, (वार्ता): असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में हाल में आयी बाढ़ से 92 जानवरों की मौत हो गयी है, जिनमें सात गैंडा भी शामिल हैं जबकि कई प्रजातियों के पशु पक्षी अत्यधिक संकटग्रस्त स्थिति में पहुंच गये हैं। वन एवं पर्यावरण मंत्री हर्ष वर्धन ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि काजीरंगा में बाढ़ के कारण 83 हाग डियर, सात गैंडा और दो सांबर डियर की मौत हो गयी। बाढ़ से जानवरों की मौत को रोकने के लिए कई उपाय किये जा रहे हैं।

श्री हर्षवर्धन ने एक अन्य प्रश्न के उत्तर में बताया कि ग्रेट इंडियन बस्टार्ड, जंगली उल्लू, जेर्डन्स कर्सर, बंगाल फ्लोरिकन, हिमालयी बटेर, पिंक हेडेड डक आदि प्रजातियां अत्यधिक संकटग्रस्त स्थिति में पहुंच गयी हैं। उन्होंने कहा कि संकटग्रस्त स्थिति में पहुंचे 17 वन्य प्राणियों की पहचान की गयी है तथा उनके रहने के स्थान को बचाने के प्रयास किये जा रहे हैं।

इन प्रजातियों में हिम तेन्दुआ, बस्टार्ड, डाल्फिन, हांगुल, नीलगिरि ताहर, समुद्री कछुओं, डुगोन्गस, इडकबल नेस्ट स्विफ्टलेट, एशियायी जंगली भैंस, निकोबार मेगापोड, मणिपुर ब्रो एंटलर्ड डीयर, गिद्ध, भारतीय गैंडा, एशियायी शेर, स्वेम्प डीयर और जर्डन्स कर्सर शामिल हैं। संकटग्रस्त पशु पक्षियों को बचाने के लिए राज्य सरकारों को वित्तीय सहायता उपलब्ध करायी जाती है। वन्य जीवों के अवैध शिकार और व्यापार पर नियंत्रण पाने के लिए वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो का गठन किया गया है।