बिमल गुरुंग के खिलाफ वारंट जारी करने का अनुरोध ठुकराया


कोलकाता, (भाषा): शहर की एक अदालत ने मदन तमांग हत्या मामले के सिलसिले में अदालत में पेश नहीं होने पर गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के अध्यक्ष बिमल गुरुंग और 21 अन्य के खिलाफ सीबीआई की गिरफ्तारी वारंट जारी करने का अनुरोध ठुकरा दिया। शहर की सत्र अदालत के मुख्य न्यायाधीश कुन्दन कुमार कुमई ने कलकत्ता उच्च न्यायालय का आदेश उल्लंघन करके अदालत में पेश नहीं होने पर आरोपी व्यक्ति के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने का सीबीआई का अनुरोध अस्वीकार कर दिया।

सीबीआई के वकील अरुण भगत ने आरोप तय करने की सुनवाई में अदालत से अनुपस्थित रहने वाले गुरुंग, उनकी पत्नी आशा और जीजेएम के वरिष्ठ नेताओं सहित 20 अन्य आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने की मांग की थी। न्यायाधीश ने ऑल इंडिया गोरखा लीग के नेता मदन तमांग की हत्या मामले में आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ आरोप तय करने के लिए रोजाना सुनवाई के लिए एक से चार अगस्त तक की तारीख तय की।

इसी के साथ तमांग हत्याकांड में आरोपियों द्वारा उन्हें आरोप मुक्त के लिये दायर आवेदनों पर भी सुनवाई की जायेगी। दाजर्लिंग में मई 2010 में तमांग की हत्या में सीबीआई जिन 48 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करना चाहती थी उसमें से 26 आरोपी उपस्थित नहीं हुए थे।