बिमल गुरुंग ने जीटीए से इस्तीफा दिया


दार्जिलिंग, (भाषा): गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के सुप्रीमो बिमल गुरुंग, एवं जीजेएम के महासचिव रोशन गिरि समेत 43 अन्य सदस्यों ने जीटीए से इस्तीफा दे दिया है। रोशन गिरि ने आज गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन (जीटीए) की कार्यकारी समिति से इस्तीफा दे दिया।

गिरि ने कहा कि उन्होंने अपना इस्तीफा पार्टी को सौंप दिया है और वह इसे जीटीए के प्रधान सचिव को कल सौंपेगी। गिरि ने कल कहा था, हमने जीटीए को छोडऩे का फैसला लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल सरकार ने जीटीए को एक ‘तमाशा’ बनाकर रख दिया है और जीजेएम तथा पहाड़ों के लोग अलग गोरखालैंड राज्य के एकलौते एजेंडे के लिए लड़ते रहेंगे।

जीटीए से अलग होने का जीजेएम का फैसला पहाड़ों में हुई सर्वदलीय बैठक के बाद लिया गया। इस बैठक में फैसला लिया गया था कि पार्टी त्रिपक्षीय जीटीए समझौते से अलग हो जाएगी। पहाड़ों के सभी 14 प्रभावशाली राजनीतिक दलों और सार्वजनिक संगठनों ने 20 जून को सर्वसम्मति से उत्तर बंगाल में अलग गोरखालैंड की लंबे समय से चली आ रही मांग को अपना समर्थन देने की घोषणा की थी।

अलग राज्य को लेकर आंदोलन की अगुआई कर रहे जीजेएम और दल की ओर से बुलाए गए अनिश्चितकालीन बंद ने पहाड़ों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। वर्ष 2012 से जीटीए की कमान जीजेएम के हाथों में थी और इसका पांच वर्ष का कार्यकाल इस वर्ष पूरा होने वाला था।