राज्यसभा में उठी गोरखालैंड आंदोलनकारियों से वार्ता की मांग


नई दिल्ली, (भाषा) : राज्यसभा में आज सदस्यों ने गोरखालैंड के आंदोलनकारियों से बातचीत करने, विदेशी कंपनी को लोकोमोटिव इंजनों के लिए ऑर्डर देने तथा मछुआरों सहित विभिन्न मुद्दे उठाए और सरकार से इन पर तत्काल ध्यान देने की मांग की। शून्यकाल में राकांपा के मजीद मेमन ने गोरखालैंड आंदोलन का मुद्दा उठाते हुए मांग की कि सरकार को पृथक गोरखालैंड की मांग कर रहे आंदोलनकारियों को बातचीत के लिए बुलाना चाहिए ताकि खूबसूरत दार्जिलिंग शहर और प्रभावित हिस्से में हालात सामान्य हो सकें और आम लोगों की परेशानी दूर हो सके।

उन्होंने कहा कि गोरखालैंड के लिए गोरखा जनमुक्ति मोर्चा द्वारा चलाया जा रहा आंदोलन हिंसक हो गया है। यह आंदोलन करीब आठ सप्ताह से चल रहा है जिसकी वजह से खूबसूरत दार्जिलिंग शहर में पानी, खाद्य सामग्री जैसी आवश्यक वस्तुओं की किल्लत हो गई है। लोग इन जरूरी वस्तुओं के लिए परेशान हो रहे हैं। मेमन ने कहा कि 150 साल में पहली बार आंदोलन की वजह से दार्जिलिंग की चाय नीलामी के लिए बाजारों में नहीं पहुंची।

उन्होंने कहा कि आंदोलन चाहे जिस मांग के लिए भी हो, चाहे वह मांग जायज हो या न हो, पश्चिम बंगाल सरकार और केंद्र सरकार को आंदोलनकारियों से बातचीत करनी चाहिए। राकांपा सदस्य ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार और केंद्र सरकार के बीच बेहतर रिश्ते न होने का खामियाजा दार्जिलिंग के लोग उठा रहे हैं। मेमन ने सरकार से अनुरोध किया कि वह आंदोलनकारियों को बातचीत के लिए बुलाए ताकि दार्जिलिंग और आसपास के इलाकों में स्थिति सामान्य हो सके और लोगों की परेशानी दूर हो सके।