पशुओं के कानों में ‘टैग’ लगाने की मांग


शिलांग: खासी जयंतिया एवं गारो पीपुल(एफकेजेजीपी)ने मेघालय से बंगलादेश को होने वाली पशु तस्करी पर रोक नहीं लगा पाने का मेघालय सरकार पर आरोप लगाते हुए पशुओं के कानों पर ‘टैग’ लगाने की अपनी मांग दोहरायी है। एफकेजेजीपी के सूचना सचिव एल्डी न्यूटन लिगदोह ने कहा,’ हम मेघालय से बंगलादेश में होने वाली पशुओं की तस्करी रोक पाने में नाकामी के लिए राज्य सरकार की आलोचना करते हैं। यह तस्करी राज्य में बीफ की कीमतों का नतीजा है।’ सीमा सुरक्षा बल के जवान भारत-बंगलादेश सीमा के पास से पशुओं को पकड़ रहे हैं। मेघालय की बंगलादेश के साथ 443 किलोमीटर की सीमा लगती है।

उच्चतम न्यायालय ने मेघालय से बंगलादेश को होने वाली पशुओं की तस्करी मामले में केंद्र तथा राज्य सरकार से जवाब मांगा था। इसके बाद केंद्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय में कहा था कि जानकारों के एक दल ने पशु तस्करी रोकने के लिए विशेष कार्ड बनाने का सुझाव दिया है। सीमा सुरक्षा बल के मुताबिक इस वर्ष जनवरी में मेघालय में भारत-बंगलादेश सीमा से 8,000 पशुओं को पकड़ा गया है, जिनकी कीमत नौ करोड़ रुपये है। इसी तरह फरवरी में जवानों ने 1.26 करोड़ रुपये के 1,419 पशुओं को पकड़ा है।

-वार्ता