पूर्व सैनिकों का अनुशासन और संगठनात्मक क्षमता सराहनीय


नाबाग्राम, (वार्ता): राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने कहा कि सक्रिय सेवा छोडऩे के बावजूद पूर्व सैन्यकर्मियों का अनुशासन और संगठनात्मक क्षमता सराहनीय है। श्री मुखर्जी यहां सैन्य स्टेशन में पूर्व सैन्यकर्मियों की पहली रैली को संबोधित किया जिसे सेना के पूर्वी कमान के ब्रह्मास्त्र कोर द्वारा आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में मुर्शिदाबाद और आस-पास के इलाकों के दो हजार से ज्यादा वरिष्ठ सैनिक और वीर नारी (शहीद सैनिकों की पत्नी) मौजूद थे।

राष्ट्रपति ने सक्रिय सेवा छोडऩे के बावजूद पूर्व सैनिकों के अनुशासन और संगठनात्मक क्षमता की सराहना करते हुये आशा व्यक्त की कि नाबाग्राम न केवल एक मॉडल सैन्य स्टेशन बनेगा बल्कि क्षेत्र में नौकरियों और बुनियादी ढांचे के निर्माण के मामले में भी आगे बढ़ेगा। श्री मुखर्जी ने अपने कार्यकाल के पूरा होने से पहले इस क्षेत्र के जवानों, वीर नारियों और ईएसएम से आखिरी बार मिलने पर खुशी जाहिर की।

राष्ट्रपति ने वीर नारियों के प्रति अपनी तरफ से सम्मान प्रकट करते हुये कहा कि उनके नुकसान की भरपायी तो नहीं की जा सकती लेकिन सरकार उनका ख्याल रखेगी।इससे पहले जीओसी-इन-सी ने राष्ट्रपति और सभी अन्य गणमान्य व्यक्तियों को इस समारोह में उपस्थित रहने पर दिल से स्वागत किया।