भूस्खलन से पांच की मौत


अगरतला :उत्तरी त्रिपुरा में पिछले 24 घंटों में विभिन्न हिस्सों में अचानक भूस्खलन से दो बच्चों सहित कम से कम पांच लोगों की मौत हो गयी है। राज्य में भारी बारिश के कारण बेघर हुए लोग 11 राहत शिविरों में शरण लिये हुये हैं। आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने बताया कि मानू नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और नदी के किनारे निचले इलाकों में पानी भर गया है। लगातार बारिश होने से उत्तरी शहरों के कई इलाकों में बाढ़ का पानी भर गया है।

उत्तरी त्रिपुरा के कमालपुर में कल तड़के टिन शेड का घर मलबे में दब गया जिससे काजल कान्या देबबरमा (47) और उसके दो बच्चों की घटनास्थल पर मौत हो गयी। त्रिपुरा स्टेट राइफल्स के जवानों ने कुछ देर बाद उन्हें वहां से बाहर निकालकर धालाई जिला अस्पताल में ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

एक अन्य घटना में कल धरमनगर -कैलाशहर रोड से तीन किलोमीटर दूर बालीधाम में 35 वर्षीय खुकुरानी देबबरमा की मौत हो गयी। तीसरी घटना में कल रात उनोकोटी जिले के आरडी ब्लॉक गौरनगर के अंतर्गत फलबारी खांडी में 30 वषीय येमाईर अली के ऊपर दीवार गिरने से उसकी मौत हो गयी। इसके अलावा दो अन्य लोग मामूली रूप से घायल हुये हैं।

रिपोर्ट के अनुसार राज्य के कैलाशहर में रामकृष्ण शिखा प्रतिष्ठान, कालपुर जेबी स्कूल, नेताजी विद्यापीठ और फुलबारी कांडी एसबी स्कूल में राहत शिवर खोले गये हैं। बाढ़ जैसी स्थिति के कारण 230 परिवारों के 978 लोगों को इन राहत शिविरों में भेजा गया है।

वहीं कुमारघाट में भारी बारिश और घरों में बाढ़ का पानी भर जाने से 99 परिवारों के 516 लोगों को सात राहत शिविरों में भेजा गया है। राज्य के उत्तरी हिस्सों में कल से भूस्खलन और भारी बारिश के कारण ट्रेन और सड़क परिवहन बुरी तरह से प्रभावित है।