गोरखा कार्यकर्ताओं ने की वाहनों में तोडफ़ोड़


दार्जिलिंग/सिलीगुड़ी, (वार्ता): पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में मैदानी क्षेत्र बागराकोट के दुआर्स इलाके में संदिग्ध गोरखा कार्यकर्ताओं ने एक व्यक्ति की मकान में आग लगाने के साथ ही कई वाहनों में तोडफ़ोड़ की। इस बीच पृथक गोरखालैंड की मांग को लेकर गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के आह्वान पर अनिश्चितकालीन हड़ताल का आज 49वां दिन भी दार्जिलिंग हिल्स में शांति बहाली के लिए सरकार का कोई रुख नजर नहीं आ रहा है।

प्राप्त रिपोर्टों के मुताबिक दुआर्स इलाके में कल रात संदिग्ध गोरखा कार्यकर्ताओं ने राजेश पेरीवाल के मकान में आग लगा दी तथा बागराकोट स्थित एक उपयोग में न लाये जा रहे कोयला कंपनी के समीप कई अन्य मकानों में तोडफ़ोड़ की। जीजेएम के स्थानीय नेता रमेश राय ने इन घटनाओं में पार्टी की संलिप्तता संबंधी राजेश के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि समूचे हिल्स में आंदोलन के बावजूद वह (राजेश)लीसे नदी के समीप अपनी ट्रकें चला रहे हैं तथा स्थानीय लोगों ने उन्हें इसके लिए चेतावनी दी थी।

अपुष्ट सूत्रों के मुताबिक कल रात की हिंसक घटनाओं में 10 लोग घायल हुए हैं। इस घटना को लेकर फिलहाल अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं की गयी है। जीजेएम प्रमुख विमल गुरुंग ने एक बयान में कहा कि गोरखालैंड आंदोलन का हिंसा से कोई संबंध नहीं है और न ही माओवादियों से। उन्होंने गोरखालैंड आंदोलन का माओवादियों से संबंध होने के आरोपों का खंडन किया और कहा कि यह हमारा पूर्णरुपेण राजनीतिक आंदोलन है तथा हिंसा से हमारा कोई जुड़ाव नहीं है, जैसा कि राज्य सरकार आरोप लगा रही है।

गोरखा कार्यकर्ताओं ने गत शुक्रवार एवं शनिवार को सिलीगुड़ी के समीप सुकना और पड़ोसी देश भूटान के प्रवेशद्वार जयगांव में हिंसा विरोधी रैली निकाली थी। इस बीच जीजेएम की महिला शाखा नारी मोर्चा की नौ कार्यकर्ताओं ने पृथक राज्य की मांग को लेकर सुकना में आज से 12 घंटे का भूख हड़ताल शुरू किया।