नेता प्रतिपक्ष देवब्रत सैकिया ने पेश किया कटौती प्रस्ताव


राज्य में सड़क और पुल निर्माण के लिए 1890.58 करोड़ रुपए की मंजूरी को लेकर सदन में नेता प्रतिपक्ष देवब्रत सैकिया ने कटौती प्रस्ताव लाया। इस प्रस्ताव के समर्थन में विधायिका अजंता नेउग ने कहा कि राज्य के विकास के लिए यातायात व्यवस्था का दुरुस्त होना जरूरी है।राज्य के 90 फीसदी लोग यातायात के लिए सड़क मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। राज्य सरकार को इस मामले में विशेष ध्यान देते हुए लोक निर्माण विभाग के लिए अधिक राशि निर्धारित करने की जरूरत है। मगर ऐसा लगता है कि राज्य सरकार यातायाता व्यवस्था को दुरुस्त करने को लेकर गंभीर नहीं है।

उन्होंने कहा कि राज्य की सड़कों की खस्ताहाल को लेकर सरकार को विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा है। हालांकि राष्ट्रीय राजमार्ग की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है, मगर इसके लिए दबाव बनाने का काम राज्य सरकार की है। उन्होंने कहा कि नगांव से डिब्रुगढ़ के बीच बन रहे 4 लेन एनएच की हालत सोचनीय है। अब तक मात्र चार फीसदी काम ही पूरा हुआ है। दूसरी ओर विपक्ष के कटौती प्रस्ताव का विरोध कर भाजपा के विधायक प्रशांत फूकन ने कहा कि लोक निर्माण विभाग अंग्रेजों के जमाने के तरीके से काम कर रही है। विधायकों को जवाब देते हुए लोकनिर्माण मंत्री परिमल शुक्ल बैद्य ने कहा कि आज उनके लिए एक विशेष दिन है क्योंकि कटौती प्रस्ताव के जरिए उनके वि​भाग को लेकर लंबे समय तक सदन में चर्चा हुई।

जिसमें कुल 22 विधायकों ने अपने-अपने सुझाव रखे। उन्होंने कहा कि लोकनिर्माण विभाग की पूर्व मंत्री अजंता नेउग ने अपने अनुभव के आधार पर जो सुझाव दिए हैं वे उस पर सोच-विचार कर अमल करेंगे। उन्होंने बताया कि राज्य में केवल कुछ महीने ही सड़कों के निर्माण के लिए मौसम अनुकूल रहता है। इस साल 27 फरवरी से अब तक रूक-रूककर बरसात हो रही है, जिसके कारण सड़क व पुल निर्माण कार्य में रूकावट आती है। उन्होंने कहा कि मंत्री पद संभालने के बाद पिछली सरकार के कारण उन्हें विरासत में 2000 करोड़ रुपए की देनदारी मिली। मंत्री शुक्ल बैद्य के जवाब से संतुष्ट होकर विपक्षी दलों के विधायकों ने कटौती प्रस्ताव को वापस ले लिया।