15 दिनों में पद छोड़े लिजेत्सु


कोहिमा, (वार्ता): नागालैंड के मुख्यमंत्री टीआर जेलियांग समेत 36 विधायकों ने नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के अध्यक्ष शुरुहोजेली लिजेत्सु को पद छोडऩे के लिए 15 दिनों का अल्टीमेटम आज जारी किया। राज्य के संसदीय कार्य मंत्री तोखेहो येप्थोमी ने यहां जारी बयान के मुताबिक श्री लिजेत्सु को भेजे पत्र में कहा गया है कि उनके अध्यक्ष बने रहने से पार्टी को विभिन्न स्तरों पर टूट और बहिष्कार का सामना करना होगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में एनपीएफ विधायकों की राज्य बैंक्वेट हॉल में एक बैठक होगी जिसमें सभी 36 विधायक शामिल होंगे।

बैठक में श्री जेलियांग के विधायक दल का नया नेता चुने जाने के बाद और राज्य की बागडोर संभाले जाने के बाद की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। विधायकों ने एनपीएफ की अनिश्चित स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए इसके लिए श्री लिजेत्सु को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष पर अपने अंतहीन स्वार्थों की पूर्ति के लिए पार्टी संगठन और विधायक दल के बीच गहरी विभाजन रेखा खींचने का भी गंभीर आरोप लगाया।

विधायकों के अनुसार, श्री लिजेत्सु को अल्टीमेटम जारी करने का प्रस्ताव उनकी निरंकुश कार्यप्रणाली के कारण जारी करने का निर्णय लिया गया, क्योंकि श्री लिजेत्सु ने बगैर कोई नोटिस जारी किए तथा कानून की उचित प्रक्रिया के बिना और यहां तक कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों को देखे बिना भी निर्वाचित विधायकों और सांसदों को निलंबित और निष्कासित कर दिया। विधायकों ने कहा कि श्री लिजेत्सु ने अतिरिक्त शब्द और वाक्य जोड़कर पार्टी संविधान के साथ धोखाधड़ी की है।

उन्होंने कहा कि ऐसे शब्दों को पार्टी संविधान में जोडऩे के लिए आम सभा की भी मंजूरी नहीं ली गई बल्कि श्री लिजेत्सु ने अपने स्तर पर निर्विवाद और अनियंत्रित तरीके से’ ऐसा किया है। उन्होंने सभी पार्टी के सभी स्तरों के कार्यकर्ताओं और नेताओं को श्री लिजेत्सु के आदेशों का पालन नहीं करने का सुझाव देते हुए कहा कि वह पहले ही संदेह के घेरे में हैं और उन्हें पार्टी अध्यक्ष पद से हटाने की प्रक्रिया चल रही है।

उन्होंने दावा किया कि श्री लिजेत्सु के खिलाफ लाये गये महाभियोग को एनपीएफ नेताओं, मजदूरों और 47 में से 36 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के निकायों का समर्थन हासिल है। विधायकों ने मुख्यमंत्री और एनपीएफ विधायक दल के नेता टीआर जेलियांग को पार्टी की वास्तविक स्थिति के बारे में जानकारी देने और लिये गये प्रस्तावों को चुनाव आयोग को प्रेषित करने के लिए अधिकृत किया है।