उर्वरक सब्सिडी के स्थान पर जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए सहायता मुहैया करायें


Chief Minister Pawan Chamling

 सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन चामलिंग ने आज कहा कि उर्वरकों के लिए जाने वाली राज सहायता (सब्सिडी) के स्थान पर देश में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए सहायता दी जानी चाहिये। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2016 में गंगटोक में कृषि पर एक सम्मेलन में सिक्किम को देश का पहला पूणत: जैविक खेती वाला राज्य घोषित किया था। चामलिंग ने यहां कहा, मैंने प्रधानमंत्री से कहा कि सिक्किम को उसके द्वारा छोड़ी गयी उर्वरक सब्सिडी की दोगुनी राशि के बराबर सहायता मुहैया करायी जाए। लेकिन उन्होंने इस बारे में कुछ नहीं बोला।

उन्होंने कहा कि बिहार के साथ साथ पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों ने जैविक खेती को अपनाने के लिए सिक्किम की मदद मांगी है। मुख्यमंत्री चामलिंग को सिक्किम को जैविक खेती वाला राज्य बनाने में उनके योगदान के लिए वन वर्ल्ड ग्रां प्री अवार्ड प्रदान किया गया है।उन्होंने कहा, मैं पर्यावरण और प्रकृति को प्यार करने वाले ग्रामीण परिवार से आता हूं। सिक्किम को पूरी तरह से जैविक राज्य के रूप में रूपांतरित करने की प्रेरणा वहीं से मुझे प्राप्त हुई।

जैविक खेती की वकालत करते हुए चामलिंग ने कहा कि जैविक खेती खेती का जीवन रक्षक स्वरूप है जो पृथ्वी और पर्यावरण को भी सुरक्षा प्रदान करता है। उन्होंने कहा, अगर हम जैविक खेती को नहीं अपनाते तो हमारा भविष्य सुरक्षित नहीं होगा।

देश की राजधानी के भारी वायु प्रदूषण के बारे में भी टिप्पणी करते हुए कहा कि स्थितियों में सुधार के लिए पर्यावरण अनुकूल उपाय किये जाने की आवश्यकता है। प्रख्यात पर्यावरणविद कार्यकर्ता वन्दना शिवा ने दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या को सुलझाने के लिए जैविक खेती करने की सिफारिश की। इस मौके पर वन वर्ल्ड अवार्ड के संस्थापक जोसेफ विल्हम तथा जिम्बाव्वे के एक पुरस्कार प्राप्तकर्ता शमिशो मुंगवासु भी उपस्थित थे।