दार्जिलिंग पहाडिय़ों के मिरिक इलाके में भड़की हिंसा


दार्जिलिंग (पश्चिम बंगाल), (भाषा): दार्जिलिंग पहाडिय़ों के मिरिक इलाके में गोरखालैंड समर्थकों का पुलिस के साथ संघर्ष हो जाने पर ताजा हिंसा भड़क उठी। इस दौरान दो सुरक्षा वाहनों एवं एक चौकी में आग लगा दी गयी। पुलिस ने बताया कि गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) ने आरोप लगाया है कि कल रात शुरू हुए इस विवाद में जीजेएम के समर्थक अशोक तमांग की हत्या कर दी गयी।

जीजेएम ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मिरिक इलाके में गोरखालैंड समर्थकों पर गोली चलायी। हालांकि, पुलिस ने इस आरोप का खंडन किया है। मिरिक उप संभाग में समस्या उस समय शुरू हुयी जब गोरखालैंड समर्थकों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी और पुलिस पर पेट्रोल बम और गैस की बोतलें फैंकी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया और उनपर आंसू गैस के गोले फैंके गए।

आज अनिश्चितकालीन बंद के 34वें दिन जीजेएम की योजना तमांग के शव के साथ मिरिक में एक रैली निकालने की है। पृथक राज्य की मांग को लेकर दबाव बनाने के लिए जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाहर यहां एक धरना देने का भी कार्यक्रम है। अगली कार्रवाई का फैसला लेने के लिए आज कलीमपोंग में सर्वदलीय बैठक भी आयोजित की जानी है।

इस बैठक में इलाके के सभी दल शामिल होंगे। सेना के जवान दार्जिलिंग, कलीमपोंग और सोनदा में लगातार कड़ी निगरानी रख रहे हैं। पहाडिय़ों की सड़कों पर अद्र्घसैनिक और पुलिस के जवान भी गश्त कर रहे हैं। दवा की दुकानों को छोड़कर, अन्य सभी दुकानें, रेस्तरां, होटल, स्कूल और कॉलेज बंद हैं।

पिछले 31 दिनों से यहां इंटरनेट सेवा भी बंद है। बंद के कारण खाद्य पदार्थों की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुयी है। जीजेएम कार्यकर्ताओं और पहाड़ी में कार्यरत गैर सरकारी संगठनों को लोगों के बीच खाद्य सामग्री वितरित करते हुये देखा जा रहा है।