वध के लिए मवेशियों के क्रय-विक्रय पर रोक को लेकर केंद्र को नोटिस


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नई दिल्ली :  मवेशी बाजारों में वध के लक्ष्य से पशुओं के क्रय-विक्रय किए जाने पर  रोक लगाने वाली केंद्र की विवादित अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट  ने सरकार से जवाब तलब किया है।

जस्टिस आर के अग्रवाल और जस्टिस एस के कौल की अवकाश पीठ ने केंद्र को नोटिस जारी कर अधिसूचना को चुनौती देने वाली दो याचिकाओं पर 14 दिनों के भीतर जवाब देने को कहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए अगली तिथि 11 जुलाई की तय की है। केंद्र की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलीसीटर जनरल पी एस नरसिम्हा ने पीठ को बताया कि यह अधिसूचना जारी करने के पीछे मंशा देश भर के मवेशी बाजारों के लिए नियमन प्रणाली लाने की थी।

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि मद्रास हाईकोर्ट ने अधिसूचना पर अंतरिम स्थगनादेश जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट में अधिसूचना को चुनौती देने वाली 2 याचिकाओं में से एक में दावा किया गया है कि अधिसूचना के प्रावधान असंवैधानिक हैं क्योंकि वह अंतरात्मा की स्वतंत्रता, धर्म और आजीविका की स्वतंत्रता जैसे मूल अधिकारों का उल्लंघन करते हैं।

केंद्र  ने 26 मई को एक अधिसूचना जारी कर देश भर के मवेशी बाजारों में वध के लिए पशुओं का क्रय-विक्रय किए जाने पर रोक लगा दिया था।