उमर अब्दुल्ला ने जजों वाले मामले पर कहा : SC के न्यायाधीशों की चेतावनी आंतरिक मामला नहीं


Omar Abdullah

नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने आज कहा कि सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठतम न्यायाधीशों यह चेतावनी कि लोकतंत्र खतरे में है सर्वोच्च न्यायालय का आंतरिक मामला नहीं है तथा यह मुद्दा हर भारतीय के लिए चिंता का विषय होना चाहिए।

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि चार न्यायाधीशों में से एक न्यायमूर्ति चेलमेश्वर की 2जी घोटाले में बरी हुए डी राजा के साथ की गयी बैठक जल्दबाजी में उठाया गया गलत कदम था।

उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया ‘भारत में लोकतंत्र खतरे में है। कल माननीय न्यायाधीशों ने यह चेतावनी दी। इसलिए यह मुद्दा माननीय सर्वोच्च न्यायालय का आंतरिक मामला नहीं है।’

उन्होंने आगे कहा कि यह बीजेपी बनाम कांग्रेस या राहुल बनाम मोदी का मुद्दा नहीं है। यह एक ऐसा मुद्दा है जो हर भारतीय की चिंता का विषय है।’ ‘भारत में लोकतंत्र देश का मूल आधार है। हम दुनिया को यह कहने में गर्व करते हैं कि हम सबसे बड़ लोकतंत्र हैं भले ही हमारा लोकतंत्र सबसे पुराना या महानतम न हो।

सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठत्म न्यायाधीश भारत के लोकतंत्र पर खतरा महसूस करते हैं तो हम इसे अनदेखा नहीं कर सकते।’ इससे पूर्व के ट्वीट में उमर अब्दुल्ला कहा कि मैं डी राजा साहब का बड़ सम्मान करता हूं लेकिन न्यायाधीश चेमलेश्वर से उनके घर पर जाकर उनका मुलाकात जल्दबाजी उठाया गया गलत कदम था। ऐसे मैं आप उन लोगों के हाथ का खिलौना बनते हो जो माननीय न्यायाधीशों की कही गयी बात को कमतर करना चाहते हैं।

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