2 हजार का नोट बंद नहीं होगा : जेटली


नई दिल्ली : सरकार ने राज्यसभा में कहा कि 2000 रुपए का नोट बंद करने का उसका कोई प्रस्ताव नहीं है। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सदन में कहा कि दो हजार रुपए का नोट बंद करने का कोई विचार नहीं है। इससे पहले समाजवादी पार्टी के नरेश अग्रवाल ने व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए कहा कि संसद का सत्र चल रहा है और परंपरा के अनुसार सरकार को महत्वपूर्ण निर्णयों की घोषणा संसद में करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मीडिया के अनुसार सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक को दो हजार रुपए के नोट की छपाई बंद करने का निर्देश दिया है।

उन्होंने कहा कि श्री जेटली को इस पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। इस पर श्री कुरियन ने कहा कि यह व्यवस्था का प्रश्न नहीं है और इस मामले को सदन में उठाने की अनुमति नहीं है। शून्यकाल शुरू होने पर सपा के नरेश अग्रवाल ने व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए सरकार से जानना चाहा कि क्या वह 2000 रुपये का नोट बंद करने जा रही है। उन्होंने कहा ऐसी खबरें हैं कि सरकार ने 2000 रुपये का नोट बंद करने का फैसला किया है और भारतीय रिजर्व बैंक को 2000 रुपये के नोटों का मुद्रण न करने का आदेश दिया गया है।

उन्होंने कहा कि अब तक 2000 रुपये के 3.2 लाख करोड़ नोट मुद्रित कर चुका है। और अब आरबीआई ने इनका मुद्रण बंद कर दिया है। एक बार नोटबंदी की जा चुकी है और दूसरी बार ऐसा करने की योजना है। ‘वित्त मंत्री को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उप सभापति पी. जे. कुरियन ने कहा, ‘यह आरबीआई की कार्रवाई है।’ तब अग्रवाल ने कहा कि पिछली बार नोटबंदी का फैसला सरकार ने लिया था, आरबीआई ने नहीं। उन्होंने कहा, ‘आरबीआई बोर्ड ने तो विरोध किया था लेकिन सरकार ने फैसला किया था। पिछली बार फैसला सरकार ने किया था तो इस बार भी फैसला सरकार का ही होगा।’

अग्रवाल से सहमति जताते हुए सदन में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्य गुलाम नबी आजाद ने जानना चाहा कि क्या सरकार 1000 रुपये के सिक्के जारी करने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा,’हर दिन हम खबरों में पढ़ते हैं कि 100 रुपये, 200 रुपये और 1000 रुपये के सिक्के शुरू किए जाएंगे। वास्तविकता क्या है। क्या हमें खबरों पर भरोसा करना चाहिए’ उन्होंने जेटली से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा, ‘क्या हमें 1000 रुपये के सिक्के मिलने वाले हैं।

हमें इन सिक्कों को ले जाने के लिए थैलों की व्यवस्था करनी होगी। ‘हमारी बहनों के पास बटुए होते हैं। हमें भी बटुओं की व्यवस्था करनी होगी इन सिक्कों को रखने के लिए।’ द्रमुक के तिरुचि शिवा ने कहा कि वह मीडिया की खबरों पर पूरी तरह भरोसा नहीं करते और सरकार से इस बारे में स्पष्टीकरण चाहते हैं। जदयू के शरद यादव ने कहा कि यह गंभीर मुद्दा है और अफवाहें फैल रही हैं। सरकार को स्पष्टीकरण देना चाहिए वरना लोग 2000 रुपये के नोट लौटाना शुरू कर देंगे।