केरल माकपा के सचिव ने सेना पर टिप्पणी कर विवाद छेड़ा


कन्नूर (केरल): केरल माकपा के सचिव कोडियारी बालकृष्णन ने यह आरोप लगा कर एक विवाद छेड़ दिया है कि जिन राज्यों में ‘आफ्सपा’  लागू है, वहां अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं पर सैन्य कर्मियों ने ज्यादती की है। इस पर, भाजपा ने तीव, प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि सेना का अपमान करने को लेकर बालकृष्णन के खिलाफ सरकार को आपराधिक कार्यवाही शुरू करनी चाहिए।

बालकृष्णन ने कल यहां अल्पसंख्यकों के संरक्षण पर एक सेमिनार में आरोप लगाया था, ”आतंकवाद पर रोक लगाने के लिए आफ्सपा (सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम) जम्मू कश्मीर, नगालैंड में लागू किया गया। इन राज्यों में अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं पर सेना ने ज्यादती की।”

उन्होंने कहा, ”यदि यह अधिनियम कन्नूर में लागू कर दिया गया तो यही होगा, जैसा कि भाजपा, आरएसएस मांग कर रहे हैं। इसलिए सभी संबद्ध लोगों को यहां इसे लागू करने की भाजपा की मांग का विरोध करने के लिए आगे आना चाहिए।” राजनीतिक रूप से संवेदनशील कन्नूर में आफ्सपा लागू करने की भाजपा और आरएसएस की मांग के विरोध में बालकृष्णन ने यह बयान दिया। दरअसल, यहां आरएसएस के एक कार्यकर्ता की इस महीने की शुरूआत में सत्तारूढ़ माकपा के कार्यकर्ताओं ने हत्या कर दी थी।

गौरतलब है कि पिछले साल राज्य में एलडीएफ सरकार के सत्ता में आने के बाद से उत्तर केरल के कन्नूर में माकपा, आरएसएस, भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हिंसा तथा सिलसिलेवार राजनीतिक हत्याएं हुई हैं। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता जेआर पद्मकुमार ने कहा कि बालकृष्णन का बयान लोगों और देश का गौरव कहलाने वाली सेना को महिलाओं के अपहरणकर्ता और हमलावर के रूप में चित्रित करता है जो देशद्रोह है। उन्होंने यह मांग भी की कि पुलिस माकपा नेता के खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज करे।

-भाषा