भ्रष्टाचार का आरोप लगाने का भाजपा को कोई नैतिक अधिकार नहीं : सिद्धारमैया


बेंगलुरू: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपनी सरकार के खिलाफ भाजपा के आरोपपत्र को झूठ का पुलिंदा करार देते हुए आज खारिज कर दिया और कहा कि भगवा पार्टी को उनके खिलाफ ऐसे आरोप लगाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है क्योंकि इसके नेता खुद ही भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करते हैं। उन्होंने कहा ये आरोप कौन लगा रहे हैं वे लोग जो पुलिस द्वारा दर्ज आरोपों का सामना कर रहे हैं। उनके पास ऐसे आरोप लगाने का नैतिक आधार नहीं है। पुस्तिका (आरोपपत्र) झूठ का पुलिंदा है।

मुख्यमंत्री पद पर चार साल पूरे होने की पूर्व संध्या पर संवाददाताओं से बात करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेता बीएस येदियुरप्पा और अन्य के खिलाफ आरोप हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने जो पुस्तिका जारी की है उसमें तुच्छ आरोप हैं। उसने (भाजपा ने) कोई साक्ष्य पेश नहीं किया है। सिद्धारमैया ने दावा किया कि हालिया नानजनगुड और गुंदलुपेट विधानसभा उप चुनाव भाजपा के हारने के बाद राज्य में भगवा पार्टी के नेता हताश हैं। ये नतीजें इस बारे में पर्याप्त सबूत हैं कि लोगों तक ने उनके खिलाफ लगाए आरोप खारिज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा क्या मुझे कोई बता सकता है कि मेरे खिलाफ क्या आरोप हैं? क्या मेरे खिलाफ आरोपपत्र दाखिल हुआ है? क्या किसी अदालत ने मुझे तलब किया है? कुछ भाजपा नेताओं की तरह क्या मैं जेल गया हूं।

कर्नाटक भाजपा ने कल राज्य की सिद्धारमैया नीत कांग्रेस सरकार के खिलाफ एक आरोपपत्र जारी कर भ्रष्टाचार और कृषि संकट का हल करने में इसकी नाकामी का जिक्र किया था। कांग्रेस नेताओं को कथित तौर पर रकम का भुगतान किए जाने की डायरी एंट्री पर सिद्धारमैया ने कहा कि भाजपा को इस मुद्दे पर बात करने का कोई अधिकार नहीं है। एक सवाल के जवाब में सिद्धारमैया ने भरोसा जताया कि कांग्रेस अगले विधानसभा चुनाव में उनके नेतृत्व में कर्नाटक की सत्ता पर काबिज रहेगी और पार्टी आलाकमान मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में फैसला करेगा।

(भाषा)