कांग्रेस के विधायक ने दिया कोविंद को मत


अगरतला : त्रिपुरा के कांग्रेस विधायक रतन लाल नाथ ने पार्टी के निर्णय के खिलाफ आज राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार राम नाथ कोविंद के पक्ष में वोट दिया। श्री नाथ ने कहा राष्ट्रपति चुनाव में सांसदों और विधायकों को अपनी व्यक्तिगत पसंद के अनुसार मतदान करने का अधिकार है इसलिये मैंने श्री कोविंद के अतीत और व्यक्तित्व को ध्यान में रखकर उन्हें मतदान किया। श्री नाथ को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष अमित शाह समेत पार्टी के कई नेताओं के साथ नजदीकी तथा मोदी नीत सरकार के विमुद्रीकरण और अन्य कदमों की प्रशंसा करने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।

विधानसभा में 60 सदस्यों में माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के 51 विधायक है। वह और अन्य दो विधायक अभी भी कांग्रेस के विधायक हैं। श्री नाथ के अलावा तृणमूल कांग्रेस के छह पूर्व विधायकों ने भी श्री कोविंद के पक्ष में मतदान किया जबकि माकपा के 51 विधायकों और कांग्रेस के दो विधायकों ने श्रीमती मीरा कुमार के पक्ष में मतदान किया। त्रिपुरा के तीन सांसदों ने भी श्रीमती कुमार के पक्ष में मतदान किया। माकपा के एक विधायक और त्रिपुरा के विधानसभा अध्यक्ष रामेन्द चन्द नाथ ने आज पश्चिम बंगाल विधान सभा में मतदान किया। उनका कोलकाता के एक अस्पताल इलाज चल रहा है।

तृणमूल कांग्रेस के छह विधायकों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार मीरा कुमार का समर्थन करने के फैसले के बाद पार्टी से इस्तीफा दे दिया लेकिन उनमें से कोई भी राजग उम्मीदवार श्री कोविंद को वोट देने के बाद अभी तक भाजपा में औपचारिक रूप से शामिल नहीं हुआ है। इस दौरान तृणमूल कांग्रेस के छह पूर्व विधायकों ने तर्क दिया है कि उन्होंने पिछले साल जब कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने ममता बनर्जी को हराने के लिए वाम मोर्चा से हाथ मिलाया तभी कांग्रेस छोड़ दी थी और इस वर्ष जब सुश्री ममता बनर्जी ने माकपा समर्थित उम्मीदवार को समर्थन दिया तो उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पार्टी छोड़ दी। छह असंतुष्ट विधायकों के नेता सुदीप रॉय बर्मन ने कहा हम कम्युनिस्टों को हराने के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं और इसके लिए हम अपना जीवन भी बलिदान कर सकते हैं।