कौशल विकास से रोजगार होगा सुलभ


रांची : राज्यपाल श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने निदेष दिया कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ लोगों के कल्याणार्थ कार्य करें ताकि हमारा राज्य प्रगति के पथ पर द्रूत गति से निरंतर अग्रसर हो सकें। उन्होंने कौशल विकास की दिशा में गंभीरतापूर्वक ध्यान देने हेतु कहा। उन्होंने कहा कि हमारे बच्चों को कौशल विकास का गुणात्मक प्रशिक्षण दिया जाय, ताकि उन्हें रोजगार सुलभ हो सकें। उन्होंने चैकडेम निर्माण की दिशा में और सक्रियता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।

राज्यपाल आज राज भवन में सरकार द्वारा संचालित आदिम जनजाति समूहों, अनुसूचित जाति/जनजाति, अन्य पिछड़े जाति एवं अल्पसंख्यकों के उन्नयन हेतु विकास व कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर रही थी। इस अवसर पर मंत्री डा. लुईस मरांडी, विकास आयुक्त-सह-अपर मुख्य सचिव, योजना एवं विकास अमित खरे, राज्यपाल के प्रधान सचिव एस.के. शतपथी, अपर मुख्य सचिव, ग्रामीण विकास विभाग एन.एन. सिन्हा, समाज कल्याण सचिव एम.एस. भाटिया, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा सचिव अजय कुमार सिंह, कल्याण सचिव श्रीमती हिमानी पाण्डेय, माध्यमिक शिक्षा एवं साक्षरता सचिव श्रीमती अराधना पटनायक, श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण सचिव अमिताभ कौशल, निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य विभाग डा. सुमन्त मिश्रा आदि अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

राज्यपाल ने बैठक में निर्देश दिया कि कस्तूरबा गांधी बालिका आवाीसय विद्यालय में सुरक्षा सुनिश्चित की जाय। उन्होंने शिक्षकों की कमियों को दूर करने हेतु भी कहा। राज्यपाल ने प्राथमिक विद्यालयों में जनजातीय विषयों की पढ़ाई आरंभ करने हेतु भी ध्यान देने को कहा। उन्होंने राज्य में पोषण की गंभीर समस्या पर चर्चा करते हुए कहा कि इस हेतु जागरूकता अभियान संचालित करने की जरूरत है। आंगनबाड़ी कर्मी, सहिया, सहायिका को कार्य करने के साथ जिला स्तर एवं विभागीय पदाधिकारी को भी निरंतर अनुश्रवण करना होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में आदिम जनजाति समूह की संख्या अल्प हो गई है। संभवत: ये भी कुपोषण के षिकार हैं। उन्होंने सरना स्थल की घेराबंदी की समीक्षा करते हुए कहा कि इसमें वृक्षारोपण भी करें। ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा के क्रम में विभाग के अपर मुख्य सचिव एन. एन. सिन्हा ने राज्यपाल को अवगत कराया कि मनरेगा के अतिरिक्त डोभा निर्माण पर बल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मनरेगा से जहां अधिक-से-अधिक लोगों को लाभान्वित करने हेतु विभाग सक्रिय है, वहीं डोभा निर्माण से धान की सिंचाई के साथ-साथ सब्जी उत्पादन एवं मत्सय उत्पादन भी हो सकता है।

विभाग डोभा निर्माण की दिषा में तेजी से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष डेढ़ लाख लोग इस योजना से लाभान्वित हुए। इस अवसर पर मंत्री डा. लुईस मरांडी ने कहा कि सरकार द्वारा वृहत निर्णय लेते हुए लगभग 600 सरना स्थलों की घेराबंदी की स्वीकृति प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि कल्याण विभाग द्वारा संचालित विद्यालयों में शिक्षकों का अत्यन्त कमी थी, ऐसे में अभी घंटी आधारित शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। उन्हें प्रति कक्षा दो सौ रूपया मिलता है, अधिकतम वे एक दिन 5 कक्षा ले सकते हैं। ये शिक्षक तब तक कार्य करेंगे जब तक स्थाई शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो जाती। हालांकि इन्हें नियुक्ति में प्राथमिकता देने पर विचार किया जायेगा।