झारखंड में हुआ तेजी से विकास


रांची, (जेपी चौधरी): पिछले ढ़ाई साल में झारखंड ने तेजी से विकास किया है। राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न मानकों ने इस पर मुहर भी लगायी है। हाल ही में आयोजित नीति आयोग की बैठक में झारखंड में हो रहे कार्यों की काफी प्रशंसा हुई है। विकास वृद्धि दर में झारखंड गुजरात के बाद दूसरे नंबर पर रहा। राज्य में विकास की गति को हमें और तेज करना है। लोगों को तीव्र विकास चाहिए। इसके लिए टीम झारखंड, जिसमें हमारे मंत्रिपरिषद के सदस्य और अधिकारी हैं, को और लगन और समर्पण के साथ काम करना होगा। उक्त बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहीं।

श्री दास झारखंड मंत्रालय में सरकार के 1000 दिन पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सरकार की उपलब्धि व आगामी कार्य योजना की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अलग राज्य बनने के बाद पहली बार जनता ने 2014 में पूर्ण बहुमत की सरकार बनायी है। जनता की हमसे काफी अपेक्षाएं हैं। झारखंड पर लगी पिछड़े राज्य की तोहमत से हम उबर रहे हैं। देश के मानचित्र पर उभरते हुए झारखण्ड को नई पहचान मिली है।

22 सितंबर को जब सरकार के 1000 दिन पूरे होंगे, तब सरकार की वे उपलब्धियां जो सीधे जनता से जुड़ी हुई है और जिसने आम जनता के जीवन को खुशहाली की ओर बढ़ाया है, उसे सबके सामने लाने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी उपलब्धियां विकास का अंत नहीं बल्कि अधिक पारदर्शी जवाबदेह और सुशासन की ओर हमारी प्रतिबद्ध प्रयासों को दिशा देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अम्ब्रेला स्कीम तैयार हो अर्थात किसी एक कार्य के बजाए समग्र रूप से उन सभी कार्यों को एक छतरी के नीचे लाया जाए। अम्ब्रेला स्कीम गरीब जनता की खुशहाली के लिए समर्पित हो।

अगले साल जनवरी से वित्तीय वर्ष शुरू होगा। इसके लिए विभाग पहले से तैयारी पूरी कर लें। बैठक के दौरान विभिन्न विभागों ने पिछले ढ़ाई साल की उपलब्धि पर जानकारी दी। उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के लिए विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाने का निर्णय हुआ। श्री रघुवर दास ने कहा कि सभी विभाग के अधिकारी जनोपयोगी योजनाओं हेतु पहले बैठकर नीति तय करें। फिर इसी के अनुरूप फाइलों का मुवमेंट हो। जो अधिकारी बार-बार फाइल लटकाते हैं, उन्हें चिह्नित करें।

फाइल ट्रैकिंग सिस्टम जल्द लागू करें। जहां तय अवधि से ज्यादा फाइल लटकेगी, सरकार उस अधिकारी को रिटायरमेंट दे देगी। काम नहीं करनेवाले अधिकारी बर्खास्त होंगे। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के सचिवों से कहा है कि 15 दिनों में ऐसे नियमों की सूची बनायें जो आज के समय अप्रसांगिक हैं। सरकार उन्हें समाप्त करेगी। ऐसे नियमों का सुझाव दें, जिससे जनहित के कामों में तेजी आ सके। उन्होंने सभी सचिवों से सप्ताह में एक दिन दूसरे जिले के दौरे पर जाने का निर्देश दिया, जिससे धरातल पर काम में तेजी आये। इसी प्रकार पुलिस अधिकारियों को भी थाने का निरीक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि सभी को जिम्मेवार बनायें। हम जनता के शासक नहीं सेवक हैं, इस भावना के साथ अधिकारी काम करें। तकनीक का प्रयोग बढ़ाकर हम भ्रष्टाचार और बिचौलियों को समाप्त कर सकतें है, इसलिए तकनीक का उपयोग हर विभाग करें। नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने कहा कि आम आदमी को केन्द्र में रखते हुए हमें अपनी योजनाएं बनानी चाहिए तथा उनका कार्यान्वयन करना चाहिए। खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने बेहतर कार्य करने के लिए टीम झारखण्ड के अधिकारियों को बधाई दिया।

सभी विभाग के विभागीय प्रमुखों ने अपने-अपने विभाग के 22 सितम्बर तक अर्थात 1000 दिनों में पूर्ण हो गए और होने वाले कार्यों एवं उपलब्धियों के बारे में बताया तथा आने वाले दिनों की कार्य योजना का भी रेखांकन प्रस्तुत किया। बैठक की शुरूआत में अपर मुख्य सचिव अमित खरे ने बताया कि सरकार ने इस साल बजट में 142 योजनाएं शुरू करने की घोषणा की थी, इसमें 114 पूरी कर ली गयी हैं। सभी योजनाएं अक्टूबर तक पूरी कर ली जाएंगी।

पिछले दिनों मुख्य सचिव श्रीमती राजबाला वर्मा तथा अपर मुख्य सचिव अमित खरे ने बताया कि नीति आयोग की बैठक में झारखंड में हो रहे विकास कार्यों को सराहा गया तथा कई योजनाओं के कार्यान्वयन में झारखण्ड देश के प्रथम 5 राज्यों में रहा है। आज झारखण्ड की पहचान देश की मानचित्र पर विकास की दृष्टि से उभरते हुए झारखण्ड की हो रही है। बैठक में नगर विकास मंत्री सीपी सिंह, खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय, मुख्य सचिव श्रीमती राजबाला वर्मा, अपर मुख्य सचिव सह विकास आयुक्त अमित खरे, डीजीपी डीके पांडेय, विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव तथा सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।