हेमंत को विकास का अर्थ मालूम नहीं


रांची : प्रदेश भाजपा प्रवक्ता प्रवीण प्रभाकर ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को विकास की परिभाषा नहीं मालूम है। इसलिए कह रहे हैं कि रघुवर राज में विकास की कल्पना बेमानी है। श्री प्रभाकर ने कहा कि नीति आयोग ने विकास वृद्धि दर में झारखंड को द्वितीय स्थान दिया है। इसी रघुवर राज में विकास दर दुगुना हो गया है। अब क्या हेमन्त का थर्मामीटर नीति आयोग के पैमाने से भी बढ़कर है?

श्री प्रभाकर ने कहा कि विश्वबैंक ने भी इज ऑफ डूइंग बिजनेस में झारखंड को तीसरा स्थान दिया था। नीति आयोग ने कहा है कि 2014 में झारखंड की विकास दर 4.5 थी, जो 2017 में बढ़कर करीब दुगुना 8.6 हो गया है। एक लाख लोगों को रोजगार दिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि हेमन्त सोरेन को व्यापारियों से चिढ़ है तो खुद भी व्यापार करना बंद कर दें। हेमंत की दिक्कत यह है कि खुद सारे काम करते हैं और चाहते हैं कि दूसरा व्यक्ति वो ना करे।

खुद सीएनटी-एसपीटी एक्ट का उल्लंघन कर जमीन खरीदते हैं और एक्ट के सरलीकरण का विरोध करते हैं। खुद आदिवासी जमीन पर व्यवसाय करते हैं, लेकिन नहीं चाहते कि आदिवासी-मूलवासी व्यवसाय करे। श्री प्रभाकर ने कहा कि सोरेन परिवार के दोहरे मापदंड के कारण आदिवासियों का विकास नहीं हो पा रहा। झामुमो को विकास से कोई मतलब नहीं है।

श्री प्रभाकर ने कहा कि भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में झामुमो की नकारात्मक राजनीति का पर्दाफाश करने की बात कही गई है। भाजपा भ्रष्टाचार और वंशवाद को जड़ से उखाड़ फेंके के लिए जनता के बीच जाएगी। श्री प्रभाकर ने कहा कि लालू प्रसाद के नक्शेकदम पर चलना छोड़ दें हेमंत सोरेन, नहीं तो जनता झामुमो का नामोनिशान मिटा देगी।