भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस की नीति कायम


रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि भ्रष्टाचार पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति कायम रहेगी। मुख्यमंत्री ने आज मुख्य सचिव को यह निदेश दिया कि भ्रष्टाचार के लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन कर दोषी अधिकारियों को दण्डित किया जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी लोग सार्वजनिक जीवन तथा निजी स्तर पर शुचिता को जीवन शैली का अंग बनायें। आचरण ऐसा हो कि आमलोग उदाहरण दें। मुख्यमंत्री श्री दास ने अधिकारियों सहित आम जनता से यह अपील किया कि यदि हम अपने जीवन में प्रत्येक कार्य को राष्ट्र सेवा से जोड़कर देखें तथा यह महसूस करें कि हमारा कार्य जो भी है वह इस देश के लिये समर्पित है तो कभी भी भ्रष्टाचार जैसी नकारात्मक सोच पनप नहीं सकती।

हम जब राष्ट्र के बदले स्वयं को केन्द्र में रखते है तभी ऐसी सोच पनपती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड के विकास के लिये समर्पित लोग टीम झारखण्ड के रूप में काम कर रही है। यह एक बड़ा सम्मान है। अत: निजता के उपर देश को महत्व दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि भूल किसी से भी हो सकती है, पर गलत मनोवृत्ति से किया गया कार्य या आचरण इस सरकार को स्वीकार्य नहीं।

उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार दूर करने के लिए 181 पर शिकायत का प्रावधान किया गया है। एंटी करप्सन ब्यूरो तथा विभागीय कार्यवाही आदि के द्वारा ऐसे तत्वों को दूर करना प्राथमिकता होनी चाहिए। पालिटेक्निक कालेज का विकास : रांची पॉलीटेकनिक कॉलेज को उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास का एक अति महत्वपूर्ण केन्द्र के रूप में विकास करें। इसकी पहचान राष्ट्रीय स्तर पर कायम हो। इसके लिए इसका जीर्णोद्धार किया जाए तथा पहले चरण में रांची पॉलीटेकनिक कॉलेज की चाहरदीवारी का निर्माण अविलम्ब शुरू करें।

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने यह आदेश आज झारखण्ड मंत्रालय में अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पॉलीटेकनिक कॉलेज के पूरब में अतिक्रमित भूमि के एक हिस्से पर उच्च न्यायालय के निदेशानुसार 444 परिवारों को जुडको द्वारा निर्मित होने वाले भवनों में पुनर्वासित कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि परिसर के पूरब में भी रह रहे 50-60 परिवारों की अस्थायी झुग्गी को भी परिसर के पश्चिम में पुनर्वास के लिए चिन्हित भूमि पर अगले दो दिनों में शिफ्ट करते हुए पूरे परिसर की मजबूत चाहरदीवारी बनाने का कार्य शुरू करें।

मुख्यमंत्री ने समीक्षा करते हुए कहा कि रांची के उपायुक्त इस कार्य को तत्परता से करें तथा भवन निर्माण सचिव इसका सतत पर्यवेक्षण करें। मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास सचिव से इसे कौशल विकास का एक महत्वपूर्ण केन्द्र के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया।

बैठक में मुख्यमंत्री के अलावा मुख्य सचिव श्रीमती राजबाला वर्मा, अपर मुख्य सचिव सह विकास आयुक्त अमित खरे, मुख्यमंत्री के सचिव सुनील कुमार वर्णवाल, उच्च शिक्षा सचिव अजय कुमार, भवन निर्माण सचिव के के सोन, आयुक्त दक्षिणी छोटानागपुर डीसी मिश्रा, उपायुक्त मनोज कुमार, नगर निगम के कार्यपालक पदाधिकारी शांतनु अग्रहरि तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।