प्रतिवर्ष तिरंगे की मांग बढ़ रही


हुबली : कर्नाटक के खादी एवं ग्रामोद्योग संघ के सचिव शिवनंदा मतपति ने आज कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर प्रतिवर्ष तिरंगा झण्डा की मांग बढ़ती जा रही है। हुबली के बेंगेड़ी स्थित संघ की शाखा तिरंगा झण्डा बनाने के लिये पूरे भारत में एक मात्र अधिकृत निर्माता इकाई है। पूरे देश में राष्ट्रीय झण्डे की आपूर्ति यहीं से होती है। झण्डे की मांग जून में शुरू हो जाती है।

इस वर्ष 2.5 करोड़ रुपये के झण्डे बिकने की उम्मीद है। श्री मतपति ने यूनीवार्ता को बताया कि पिछले वर्ष इस शाखा से 1.92 करोड़ रुपये की बिक्री हुई थी। अगले वर्ष गणतंत्र दिवस तक 2.5 करोड़ रुपये के झण्डे बिकने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि झण्डा बनाने में भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के मानकों का पालन सख्ती से किया जाता है।

यहां बने झण्डे आंध, प्रदेश, झारखण्ड, अरुणाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, असम, तमिलनाडु, नयी दिल्ली, गोवा, ओडिशा, गुजरात, छत्तीसगढ़, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश भेजे जाते हैं। शाखा में मानक ब्यूरो द्वारा तय मानकों के अनुसार 316 से 17,800 रुपये तक के झण्डे विभिन्न आकारों में बनाये जाते हैं। यहां जेब में लगाने के लिये 2.3 इंच के झण्डे भी बनाये जाते हैं। विभिन्न संस्थानों द्वारा इन्हें थोक में खरीदा जाता है।

श्री मतपति ने बताया कि सरकार द्वारा प्लास्टिक के झण्डों पर प्रतिबंध लगने के बाद अब लोग इन झण्डों को खरीद रहे हैं। शिक्षण संस्थानों, संगठनों, सरकारी और निजी कार्यालयों में भी झण्डों की आपूर्ति की जाती है। उन्होंने कहा कि बगलकोट शाखा से खादी कपड़ा और झण्डा बनाने के लिये अन्य जरूरी सामान यहां आने के बाद झण्डे बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है।