पाकिस्तान : गुरुद्वारे में भारतीय दूत को सिखों ने नहीं दिया प्रवेश


High Commissioner of India

विवादित फिल्म को लेकर प्रदर्शन कर रहे सिखों ने पाकिस्तान में भारत के उच्चायुक्त को आज एक गुरूद्वारे में प्रवेश नहीं करने दिया गया। एक मीडिया रिपोर्ट में ऐसा दावा किया गया है। इससे पहले भारत ने नयी दिल्ली में पाकिस्तान के उच्चायुक्त को सम्मन भेजा और भारतीय मिशन के अधिकारियों को वाणिज्य दूतावास संबंधी उनकी जिम्मेदारी का निर्वहन न करने देने को लेकर विरोध जताया। एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने खबर दी कि अजय बिसारिया और उनकी पत्नी यहां हसन अब्दल में गुरूद्वारा पंजा साहिब में अरदास करना चाहते थे और यहां आने वाले सिख श्रद्धालुओं से मिलना चाहते थे लेकिन विवादित बॉलीवुड फिल्म नानक शाह फकीर को लेकर विरोध कर रहे सिखों ने उन्हें गुरूद्वारे में प्रवेश नहीं करने दिया।

और उनके साथ बदसुलूकी की। जानकारी के लिए बता दें कि बिसारिया को अप्रैल में भी गुरुद्वारा पंजा साहिब में दर्शन करने से रोका गया था। उस समय उन्हें इवेक्वी ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड की तरफ से निमंत्रण दिया गया था। पाकिस्तानी अथॉरिटी ने इसके पीछे सुरक्षा कारणों को जिम्मेदार बताया है। पाकिस्तान की इस हरकत पर भारत ने कड़ा विरोध जताया है। भारत ने पाकिस्तान के उप उच्चायुक्त को समन कर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। पाकिस्तान ने 1992 कोड ऑफ कंडक्ट के तहत इन मामलों को सुलझाने के लिए हामी भरी थी।

इस मामले में पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने ट्वीट कर कहा है, ‘सिख श्रद्धालु भारत में दुर्व्यवहार और विवादित फिल्म के रिलीज के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। भारतीय उच्चायुक्त को इस बात से अवगत कराया गया था और उन्होंने खुद अपनी यात्रा को रद्द करने की सहमति दी।’ उधर, शनिवार को विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया कि इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग ने भी इस मामले में कड़ा विरोध दर्ज कराया है। पाकिस्तान के उप उच्चायुक्त सैयद हैदर शाह को समन भी किया गया है।

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