‘ब्लू वेल’ गेम खेलते हुए बच्चे ने दे दी जान, भारत में पहला मामला


मुंबई : चौदह साल के एक लड़के ने पांच मंजिला इमारत से कूदकर जान दे दी। पुलिस इस घटना की जांच कर रही है। युवक के आत्‍महत्‍या करने के पीछे ‘ब्लू व्हेल’ गेम को वजह बताया जा रहा है। ऑनलाइन गेम ‘ब्लू व्हेल’ सुसाइड चैलेंज से है क्योंकि उसके दोस्त इस गेम के बारे में बात कर रहे थे। बताया जा रहा है कि इस खेल ने दुनियाभर में करीब 250 बच्चों की जान ले ली है।

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पुलिस ने बताया कि नौवीं कक्षा के छात्र ने शनिवार को शाम करीब पांच बजे उपनगर अंधेरी के शेर ए पंजाब क्षेत्र में एम्पायर हाइट्स सोसाइटी की पांचवीं मंजिल से कूदकर कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी। घटना के समय इमारत के पास खड़े एक व्यक्ति ने पुलिस को इस बारे में अलर्ट किया था। पुलिस इस घटना के कारण खोजने में जुटी है और यह पता कर रही है कि क्या इसका किसी तरह से संबंध ऑनलाइन गेम से है।

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ये भी पता चला है कि 9वीं में पढ़ने वाले उस बच्चे ने खुदकुशी से पहले अपने इरादे के बारे में दोस्तों को सोशल साइट पर बताया था। बच्चे ने अपने दोस्तों को ये भी बताया था। ‘एक अंकल मुझे हटने के लिए बोल रहे हैं. जैसे ही वे हटेंगे, मैं कूद जाऊंगा।’ और हुआ भी यही. जांच में यह मामला सही साबित हुआ तो ‘ब्लू व्हेल’ के कारण भारत में होने वाली यह पहली मौत होगी।

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एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘किशोर के दोस्त सोशल मीडिया ग्रुप पर बातचीत में उसकी मौत का संबंध ब्लू व्हेल ऑनलाइन सुसाइड चैलेंज गेम से होने के बारे में बात कर रहे थे, लेकिन हमने अब तक उसके मोबाइल फोन और सोशल मीडिया ग्रुप की जांच नहीं की है जिसमें वह सक्रिय था।’ पुलिस ने कहा कि ऑनलाइन गेम ‘ब्लू व्हेल’ रूस में शुरू हुआ था और इसमें प्रतिभागियों से सोशल मीडिया के जरिये कागज पर ब्लू व्हेल बनाने और फिर व्हेल शरीर पर बनाने के लिए कहा जाता है। इसके बाद प्रतिभागियों से अकेले डरावनी फिल्में देखने जैसे काम दिये जाते हैं।

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खूनी ब्लू व्हेल खेल की शुरुआत रूस से हुई है। मोबाइल फोन और लैपटॉप के जरिए खेले जाने वाले इस खेल में 50 दिन अलग-अलग टास्क मिलते हैं। रोज टास्क पूरा होने के बाद अपने हाथ पर निशान बनाना पड़ता है जो 50 दिन में पूरा होकर व्हेल का आकार बन जाता है, और टास्क पूरा करने वाले को खुदकुशी करनी पड़ती है।