नीति आयोग ने बीते शुक्रवार को राज्यों में स्वास्थ्य की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए अपनी तरह का पहला हेल्थी स्टेट्स प्रोग्रेसिव रिपोर्ट जारी की। जिसमे झारखंड ने हेल्थ इंडेक्स में सबसे ज्यादा सुधार किया है। हेल्थ इंडेक्स में बेहतरीन प्रदर्शन वाले राज्य में केरल, पंजाब और तामिलनाडु हैं। वहीं तीन छोटे राज्य मिजोरम, मणिपुर और मेघालय स्वास्थ्य सेवा के मामले में सबसे अव्वल हैं। नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) अमिताभ कान्त, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव प्रीति सदन और विश्व बैंक की भारत इकाई के कंट्री डायरेक्टर जुनैद अहमद ने ये रिपोर्ट जारी की।

यह रिपोर्ट भारत के विभिन्न राज्यों की स्वास्थ्य स्थिति की सालाना समीक्षा और मूल्यांकन की दिशा में पहला कदम है। नई दिल्ली में ये रिपोर्ट जारी करते हुए अमिताभ कान्त ने कहा कि विभिन्न भारतीय राज्यों की हेल्थ इंडेक्स (स्वास्त्य सूचकांक) विश्व बैंक और भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों और फीडबैक के आधार पर तैयार किया गया है। अमिताभ कान्त ने कहा, “राज्यों की स्थिति में होने वाले सुधार का अध्ययन करके हम बेहतर स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित कर सकेंगे।” भारत में औसत आयु, बाल मृत्यु दर, जन्म दर में सुधार हुआ है, लेकिन इन तमाम सकरात्मक संकेतों के बावजूद भी संतोषजनक नहीं कहे जा सकते हैं। भारत वैश्विक औसत से काफी पीछे हैं।नीति आयोग ने देश के विभिन्न राज्यों का तुलनात्मक रिपोर्ट पेश किया है।

राज्यों के हेल्थ इंडेक्स तैयार करने के दौरान कई मानकों को आधार माना गया है। शिशु मृत्यु दर, नवजात बच्चों का वजन, जन्म के वक्त लिंगानुपात, टीकाकरण, संस्थानिक प्रसव, टीबी मरीजों के नोटिफिकेशन रेट, मरीजों के उपचार, स्वास्थ्य क्षेत्र में तैनात कर्मियों की स्थिति और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जैसे कई मानक है, जिनके आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गयी है। छोटे राज्यों और बड़े राज्यों को अलग – अलग रैकिंग जारी की गयी है। तरक्की करने वाले राज्यों में झारखंड 6.87 प्वाइंट की बढ़त के साथ सबसे ज्यादा सुधार किया है। हेल्थ इंडेक्स में सुधार करने वाले राज्यों में बिहार का स्थान चौथे नंबर पर है।

मध्य प्रदेश, असम, तेलांगना, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा में मामूली सुधार दिखे हैं। जिन राज्यों में सुधार दर्ज नहीं किये गये हैं उनमें उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात और हरियाणा शामिल है। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने नीति आयोग की रैंकिंग पर कहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार में आज झारखण्ड नंबर वन है। हम झारखण्ड की सवा तीन करोड़ जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। नीति आयोग की रैंकिंग स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार के प्रयासों को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि इसका वास्तविक श्रेय राज्य की जनता को जाता है जिनके विश्वास से ही ये मुमकिन हो पाया है।

भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हम स्वस्थ भारत-स्वस्थ झारखण्ड का सपना पूरा करने में जुटे हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य के स्वास्थ्य सुधार के लिए काम कर रहे पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह हमारे कार्यों की दिशा और कार्य निष्ठा को दर्शाता है।

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