पंजाब में कर्ज वापिस ना करने वाले किसानों की इज्जत हुई नीलाम


लुधियाना-माछीवाड़ा  : गौर से देखिये इन तस्वीरों को, जिसमें दिखने वाले पुरूष और महिलाएं कोई अपराधी नहीं बल्कि ये पूरे देश का पेट भरने वाले वे अन्नदाता किसान है, जिन्होंने बैंकों से कभी कर्ज उठाया था लेकिन समय पर भुगतान न कर पाने के कारण अब बैंकों ने इन्हें डिफाल्टर घोषित करके इनकी तस्वीरें बैंकों के नोटिस बोर्डों पर चिपकाई है, जिससे बैंक में आने वाले हर कोई आम-खास की नजर इन पर जा रही है और अन्नदाता किसान बेइज्जती महसूस होने के बाद अब मुंंह छिपाने को मजबूर है।

अहम बात तो यह है कि यह सब कुछ ऐसे समय में हो रहा है जब किसानी कर्ज माफी के मुद्दे पर ही दस साल के बाद पंजाब की सत्ता में लौटी कैप्टन अमरेंद्र सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार किसानों के कर्ज माफ होने के दावे करते हुए किसानों को बैंकों को कर्ज न मोडने की बातें कही थी लेकिन ताजा घटनाक्रम ने अमरेंद्र सरकार के दावों की पोल खोल दी है तथा बैंक अधिकारी भी इसके पीछे आरबीआई के निर्देशों का हवाला दे रहे है। उधर, किसान नेता इसे गैर-कानूनी करार देते हुए ऐसे बैंक मैनेजरों पर एफआईआर दर्ज कराने की बात कह रहे है।

उधर किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने बताया कि समराला में स्टेट बैंक आफ इंडिया द्वारा बैंक का कर्ज न वापिस कर सकने वाले दर्जनों किसानों को डिफाल्टर घोषित करके उनकी तस्वीरें नोटिस बोर्ड पर लगा दी जोकि सीधे रूप से गैर-कानूनी व आरबीआई की गाइडलाइन का उल्लंघन है। पहले ही किसान कर्ज की मार से दबा हुआ है व इससे बेइज्जत किसान और परेशान हो गया है तथा यह रास्ता उन्हें सुसाइड करने की ओर धकेलने वाला है। भले ही शोर मचने के बाद बैंक वालों ने किसानों की फोटो कुछ वक्त के लिए हटा दी है। लेकिन यदि किसी किसान ने खुदकुशी की तो इसके लिए बैंक मैनेजर पर एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। इसके साथ ही बैंक वालों ने ऐसी कार्रवाईयां बंद न की तो किसान यूनियन इनके खिलाफ एक्शन लेगा।

भाकियू प्रधान ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह के कर्ज माफी के वायदे पर कहा कि अमरेंद्र के ताजा बयान कि कर्ज माफ करने के लिए उनके पास रिसोर्स नहीं है, से साफ हो गया है कि अमरेंद्र व कांग्रेस पार्टी ने केवल सत्ता हथियाने के लिए किसानी कर्ज माफी का वादा किया तथा किसानों से फार्म भरवाए। पहले अमरेंद्र ने फसली चक्र, फिर डेढ एकड और अब रिसोर्स की बात कह दी है। जिससे साफॅ है कि अमरेंद्र अब इससे भाग रहे है जबकि उन्होंने श्री गुरू ग्रंथ साहिब पर हाथ रखकर सौंगध उठाई थी कि सभी किसानों का कर्ज माफ होगा।

किसान नेता ने कहा कि जाने माने अर्थशास्त्री डा. मनमोहन सिंह से उन्होंने अपने चुनावी मैनिफेस्टों को जारी करवाया था, इससे साफॅ है कि डा. मनमोहन सिंह जैसे अर्थशास्त्री को तो सारी आर्थिक स्थितियां पता है। उन्होंने कहा कि गंभीर बात यह है कि अब सरकार के मंत्री यह बयान दे रहे है कि मरने वाले किसान के परिवार को दस लाख रूपये व सारा कर्ज माफ किया जाएगा जोकि किसानों को आत्महत्या की ओर ले जाने वाला कदम है। उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरेंद्र सिंह की सरकार के दौरान 160 किसान आत्महत्या कर चुके है। मुखयमंत्री बताएं कि कितने मृतक किसान परिवार के कर्ज माफी किए व उन्हें आर्थिक सहायता की। सरकार गलत प्रचार करके किसानों को और मुसीबत में डाल रही है। उन्होंने आरबीआई द्वारा भी पंजाब के किसानों के कर्ज माफी संबंधी सरकार पर गुमराह करने के आरोप लगाए तथा कहा कि बैंकों के ताजा कदम से यह साबित हो गया है कि अमरेंद्र सरकार व इसके मंत्री केवल झूठ बोल रहे है।

– सुनीलराय कामरेड