नहर में डूबने का बहाना बनाकर भाग गई थी दोनों बहनें : पंजाब पुलिस


लुधियाना- गुरदासपुर  : कस्बा काहनूवान में 14 जुलाई को सेल्फी लेने के चक्कर में दो बहनें निशा और लवप्रीत के नहर में बह जाने का मामला में यहाँ बीते दो दिन पहले यह बात सामने आई थी कि वह दोनों लडकियां जिंदा है और वह नहर में डूबी ही नहीं थी उल्टा वह अपने परिवार को धोखा देने के चक्कर में नहर में डूबने की कहानी बनाई गई थी। वहीं अब पुलिस की तरफ से इन लडकियो को ढूंढ निकाला है और परिवार के हवाले कर दिया गया है। बताया जा रहा है की वह दोनों लडकिया फिल्मों और टीवी नाटकों में काम करने की चाहत लेकर घर से भागी थी और उन्होंने खुद ही अपनी तीसरी छोटी बहन का साथ लेकर नहर में बह जाने का ड्रामा रचा था।

पुलिस जिला गुरदासपुर के एस पी हरविंदर सिंह संधू ने इस मामले में खुलासा करते हुए बताया कि 14 जुलाई को पुलिस थाना काहनूवान में सूचित किया गया था की काहनूवान की रहने वाली दो लड़किया निशा और लवप्रीत सेल्फी लेते हुए नहर में डूब गई है और यह सूचना उन लड़कियो की छोटी बहन सोफिया ने अपने परिवार को दी थी जो उनके साथ सुबह सैर के लिए गई थी और अगले दिन यह बात सामने आई थी की वह दोनों लड़कियों की तरफ से अपनी छोटी बहन के साथ मिलकर ड्रामा रचा दोनों लड़किया घर से खुद अपनी मर्जी से भागी थी। अब गुरदासपुर पुलिस से इन दोनों लड़कियो निशा और लवप्रीत को अमृतसर गुरुद्वारा हरिमंदिर साहिब से ढूंढ निकाला गया है।

वहीं एस पी गुरदासपुर ने बताया की दोनों बहने टीवी नाटकों में काम करने की चाहत लेकर घर से अपनी मर्जी से भागी थी और 14 जुलाई को सुबह घर से सैर के लिए निकली और नहर में डूबने का ड्रामा रच कर दोनों काहनूवान से एक ट्रक में सवार हो पहले वह चंडीगढ़ पहुंची और वहां से वह दिल्ली गई। दिल्ली में पैसे खतम होने के चलते उन्होंने अपना मोबाइल फोन 3000 रूपए में बेचा और जब उन्हें यह लगा कि उन्हें आगे कोई रास्ता नहीं मिल रहा तो वह वहां से बस में सवार हो अमृतसर पहुंची और परिवार के डर से वह दरबार साहिब में रहने लगी और वहीं अमृतसर पुलिस की सूचना पर गुरदासपुर पुलिस की तरफ से इन लड़कियों को काबू कर अब परिवार के हवाले कर दिया गया है।

उधर गुरदासपुर पुलिस आगे कोई करवाई करने के सवाल पूछने पर आगे की जाँच की बात कर रही है। जबकि दोनों लड़कियों को परिवार के हवाले कर दिया गया है और परिवार और दोनों लड़किया मीडिया से दूरी बनाए हुए है ।

– सुनीलराय कामरेड