सरकार कर रही है भेदभाव : मालवा बस आप्रेटर्स


लुधियाना-बरनाला : पंजाब राज्य में चाहे अकाली/भाजपा सरकार आई, चाहे कांग्रेस काबिज हुई सभी सरकारें ट्रांसपोर्ट विरोधी साबित हुई हैं। जो बेगारों के अलावा मोटा रेवेन्यू का लाभ कमाने के बावजूद उन्हें शून्य मात्र भी राहत नहीं दे रही है। इसके उल्ट ट्रांसपोर्टरों को तंग परेशान किया जा रहा है। यह बात दी मालवा बस आप्रेटर यूनियन के अध्यक्ष कुलदीप सिंह  काला ढिल्लों ने कही है।

उन्होंने राज्य की सत्ता पर आयी कांग्रेस सरकार को चेतावनी दी है कि ट्रांसपोर्टों के साथ किसी किस्म की धक्काशाही बर्दाशत नहीं होगी। सरकार की ज्याददती के विरोध में कुछ भी करना पड़ा एक भी ट्रांसपोर्टर पीछे नहीं हटेगा। शुक्रवार की सुबह विजिलेंस टीम पटियाला टीम ने पीआरटीसी का सहारा ले निजी बसों के कागजात व बस परमिट की जांच की थी। टीम ने 200 बसों के कागजात की जांच कर चार बसों को जब्त कर लिया था।

जांच टीम में विजिलेंस के एसएसपी प्रीतम सिंह, डीएसपी गुरदीप सिंह व प्रतीक सिंह, विजिलेंस इंस्पेक्टर सुदर्शन सैनी, पीआरटीसी के इंस्पेक्टर विक्रमजीत सिंह, सब इंस्पेक्टर हरजिन्दर सिंह सोढ़ी, भजन सिंह डिप्टी क्लर्क व निरभै सिंह शामिल थे। जिनकी कार्यवाही से नाराज ट्रांसपोर्टरों ने प्रेसवार्ता कर विजीलेंस की कार्यवाई को ज्याददती करार दिया।

बरनाला में प्रेसवार्ता के दौरान संबोधित करते काला ढिंल्लों ने कहा कि पंजाब की कैप्टन सरकार ने राज्य की जनता से जो वादे किए थे वह अकाली भाजपा के नक्शे कदमों पर चलते हुए सत्ता संभालने के बाद सभी वायदों को अनदेखा कर चुके हैं। कांग्रेस व अकाली पार्टियों को साढ़ू पार्टियां करार देते ढिल्लों ने बताया कि रीजनल ट्रांसपोर्ट अथारिटी की ओर से बरनाला शहर में सवारियों की ढुलाई ढुआई करती खनौरी, गुरप्रीत, लिबड़ा, दिलप्रीत बस सर्विसिस को बंद कर दिया। जबकि सता से बाहर हो चुकी अकाली/भाजपा सरकार की ट्रांसपोर्ट कंपनियों की बसों का सिफऱ् चालान काट कर महज खानापूरती की गई।

उन्होंने चिन्ता व्यक्त की कि राज्य में अकाली गुट के ट्रांसपोर्टर, टूरिस्ट के नाम पर मर्सीडीका बसें जिन्हें कानून के मुताबिक किसी भी बस स्टैंड के अन्दर व किसी स्टेशन पर खड़े नहीं किया जा सकता शरेआम सडकों पर दौड़ा रहे हैं। जिन के खिलाफ किसी अधिकारी ने प्रतिबन्ध लगाने की हिममत तक नहीं दिखाई। आरोप लगाया कि एयर कंडीशनर बसें चलतीं हैं उनके टैकस की भरपाई कम है जबकि साधारण बसें ज़्यादा टैकस अदा कर रही हैं।

  प्रेसवार्ता में काला ढिल्लों के साथ पहुंचे अन्य ट्रांसपोर्टरों ने इकसुर हो आर.टी.ए विभाग और कांग्रेस सरकार को चुनौती दी कि अगर उनके साथ धक्काशाही होती रही और यदि उनकी बसें सही टाईम और मंज़ूरशुदा परमिट के अनुसार नहीं चलने दिया और गैरकानूनी वाहनों पर अंकुश नहीं लगाया गया तो राज्य के अधिकांश ट्रांसपोर्ट काम बंद कर देंगे और मुखयमंत्री के निवास व कार्यालय के बाहर अनिशिचत कालीन धरना शुरू कर देंगे।

– सुनीलराय कामरेड