इंकलाबी कवि सुरजीत – गॅगा पुलिस के शिकंजे में


लुधियाना-आनंदपुर साहिब  : पंजाब के प्रसिद्ध इंकलाबी कवि सुरजीत गॅगा को सोशल मीडिया की फेसबुक वॉल पर गॅगा वाणी लिखने पर पंजाब पुलिस ने बाद दोपहर उन्हें आनंदपुर स्थित उनके गांव गॅगा में घर से गिरफ्तार कर लिया। गॅगा को रोपड़ पुलिस ने सिखों की धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोपों में गिरफतार किया है। हालांकि दूसरी तरफ कवि सुरजीत गॅगा को हिरासत में लिए जाने पर विभिन्न संगठनों ने भी अपनी आवाज बुलंद की है। गॅगा के खिलाफ यह कार्यवाही उस वक्त फेसबुक पर डाली हुई कविता मैं ते नानक के संबंध में बताई जा रही है। अकसर सीमाओं को लांघकर कविता लिखने वाले जाने-माने गॅगा ने इस कविता में सभी हदें तोड़ते हुए ना केवल अपनी तुलना प्रथम गुरू गुरूनानक देव जी से की थी बल्कि सिखों के पहले गुरू के प्रति बहुत ही आपत्तिजनक शब्दावली का प्रयोग करते हुए अपनी बात रखी थी, जिससे सिखों के दिलों में गुस्से की लहर फूट पड़ी।

थाना प्रभारी हरकीरत सिंह के मुताबिक सुरजीत गॅगा के खिलाफ शिकायत का मामला मिलने पर उन्हें गिरफतार करके सखीचो के पीछे डाल दिया गया है। उधर विभिन्न संगठनों ने भी इस कार्यवाही को सियासी दबाव की करतूत बताते हुए निंदा की गई है। पीएसयू के नेता रंधीर रंधावा और सीटू नेता सुरजीत सिंह, तर्कशील सोसायाटी के जसमेर सिंह, हरनेक सिंह और सीपीआई के जिला सचिव दविंद्र नांगली ने इस कार्यवाही की निंदा करते हुए इसे अभिव्यक्ति की आजादी पर प्रहर करार दिया। जबकि दूसरी तरफ एसजीपीसी महासचिव अमरजीत सिंह चावला ने इस कविता को धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ कहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्यवाही को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएंगा।

जानकारी के मुताबिक एसजीपीसी अध्यक्ष कृपाल सिंह बडूंगर के ध्यान में मामला आने उपरांत शिकायत तख्त श्री केसगढ़ साहिब के मैनेजर रंजीत सिंह ने दर्ज करवाई थी। सुरजीत सिंह गॅगा के खिलाफ धारा 295ए के तहत धार्मिक भावनाएं भड़काने का मामला दर्ज किया गया है। उल्लेखनीय है कि गॅगा की अधिकांश कविताएं पहले भी विवादित रही है और पिछले समय उनके द्वारा स्थापित बेबाक कविताएं लिखे जाना भी चर्चा का विषय बनती रही है। जानकारों के अनुसार सिख धर्म की छेड़छाड़ करने वाली यह पहली रचना नही है, परंतु मैं ते नानक कविता एक दम नोटिस में आई और इसने सिखों के हृदय को गहरी चोट मारी है।

-सुनीलराय कामरेड