कैप्टन के 80 दिनों के राज में 70 किसानों की आत्महत्या पर क्यों चुप हैं जाखड़


चंडीगढ़ : मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्रर सिंह के 80 दिनों के शासनकाल में 70 किसान आत्महत्या कर चुके हैं और वे बयान देते हैं मध्यप्रदेश व महाराष्ट्र के किसानों की बदहाली पर। संवेदना की अगर सबसे ज्यादा जरूरत है तो वह पंजाब के किसानों की। यह कहना है पंजाब भाजपा के उपाध्यक्ष हरजीत  सिंह ग्रेवाल व सचिव विनीत जोशी का। जोशी ने बताया कि पंजाब में 70 किसान आत्महत्या कर चुके हैं और उनके परिवार कैप्टन के चुनावी वायदे के अनुसार 10 लाख रुपए की सहायता राशि के साथ सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे हैं। कई हजार एकड़ फसल आग की भेंट चढ़ चुकी है, कई हजार एकड़ बारिश व ओलावृष्टि के कारण खराब हो चुकी है और किसान आपके चुनावी वायदे अनुसार 20 हजार प्रति एकड़ मुआवजे के इंतजार में बैठा है। कैप्टन ने अपने चुनावी वायदे अनुसार फ्री बिजली तो बंद नहीं की, पर बिजली की सप्लाई बंद पड़ी है। कैप्टन के कुर्की खत्म करने के आदेश के बावजूद कुर्की बदस्तूर जारी है, बैंकों द्वारा किसानों के घरों के बाहर नोटिस चिपकाए जा रहे हैं। कांग्रेस के प्लाट आधारित फसल बीमा पर किए वायदे का भी किसान इंतजार कर रहे हैं। सबसिडी किसानों के खाते में सीधे डालने के आपके चुनावी वायदे का भी इंतजार हो रहा है। ग्रेवाल व जोशी ने कैप्टन अमरिंदर व सुनील जाखड़ को कहा कि पंजाब के किसानों ने आपके चुनावी वायदों के कारण आपको सत्ता दी है, बहाने न बनाओ, वायदे पूरे करो, नहीं तो भाजपा को किसानों के साथ मिलकर जन आंदोलन शुरू करना पड़ेगा।

– उमा शर्मा