लुधियाना : दर्दनाक सड़क हादसे में मिया-बीवी समेत 4 साल के बच्चे की मौत


Ludhiana road accident

लुधियाना-जगराओं : वीरवार सुबह करीब 9 बजे लुधियाना के पास चंडीगढ़ के प्रतिष्ठित वकील की पत्नी समेत बच्चे की दर्दनाक सडक़ हादसे में मौत हो गई। इस हादसे में उनके साथ यात्रा कर रही नौकरानी ने भी बाद में इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया। उसे घटना के उपरांत गंभीर रुप में घायल होनं पर दयानंद अस्पताल लुधियाना में उपचार के लिए दाखिल करवा दिया गया था। हैरानीजनक बात यह हुई कि इस हादसे के समय दंपति की छह महीने की बच्ची भी उसी गाड़ी में सफर कर रही थी जिसे एक खरोंच तक भी नहीं आई। घटना की सूचना मिलने पर थाना सिटी के प्रभारी इंद्रजीत सिंह तुरंत पुलिस पार्टी लेकर हादसे वाले स्थान पर पहुंचे और राहत कार्य शुरु करवाए।

मौके से प्राप्त जानकारी अनुसार एडवोकेट सुदर्शन कुमार (32 वर्ष ) अपनी पत्नी सीमा, साढ़े तीन वर्ष के पुत्र धरुव, छह महीने की बेटी और घर की नौकरानी को साथ लेकर अपनी आई-20 गाडी में चंडीगढ़ से फिरोजपुर को रिशतेदारी में भोग समागम में शामिल होने के लिए जा रहा था। जीटी रोड पर गुरुद्वारा नानकसर से मोगा साइड को रास्ते पर थोडा आगे अचानक गाड़ी बेकाबू हो गई और डिवाइडर से टकराकर डिवाइडर को पार कर दूसरी तरफ पहुंच गई। मोगा साइड से आ रहे ट्रक के साथ टकरा गई। इस हादसे में एडवोकेट सुदर्शन कुमार, उसकी पत्नी सीमा और साढ़े तीन वर्ष के पुत्र धरुव की मौके पर ही मौत हो गई।

ट्रेक्टर से निकाली गाड़ी- हादसा इतनी भयानक था कि गाडी डिवाइडर पार कर ट्रक के साथ इतनी जबरदस्त ढंग से टकराई कि गाड़ी का अगला हिस्सा ट्रक के नीचे घुस गया। सिटी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर टे्रक्टर की सहायता से खींच कर गाडी ट्रक के नीचे से निकाली और उसके बाद गाड़ी से दंपति और बच्चे के शव निकाले।

जाको राखें साइंया- धार्मिक आस्था रखने वाले लोग और हमारे धार्मिक ग्रंथ यह कहते हैं कि हरेक की मौत का दिन भगवान उसके जन्म से पहले ही तय कर देता है। किस की मौत किस तरह, कहां और किन हालातों में होगी यह सभी भगवान के हाथ में है। आदमी खुद अपनी मौत के स्थान पर चल कर जाता है। वीरवार को सुबह जो सडक़ हादसा हुआ उसमें मृतक दंपति की छह महीने की बेटी, उनकी नौकरानी की गोद में पिछली सीट पर थी। जब यह भयानक हादसा हुआ तो उस हादसे में गाड़ी में आगे की सीट पर बैठे दंपति और उनके बेटे की तो उसी समय मौत हो गई और पीछे बैठी नौकरानी भी बुरी तरह से घायल हुई, जिसकी गोद में बैठी छह महीने की बच्ची को एक खरोंच भी इस भयानक हादसे में नहीं आई। जिसको देख कर हरेक ने कहा कि जिस को राखे साइंया मार सके न कोए।

परिजनों का रोकर बुरा हाल-भयानक सडक हादसे में एक परिवार की इस दर्दनाक मौक का मंजर देखकर तो एक बार सभी की आंखे नम हुई। सीमा के मायके फिरोजपुर में धार्मिक कार्याक्रम में जाते समय सीमा के पिता अजीत अरोड़ा से फोन पर बात हुई और उन्हें बताया कि वह रास्ते में हैं और समय पर पहुंच जाएंगे। हादसे की सूचना मिलने पर पहले अजीत अरोड़ा जगराओं पहुंचे। थाना प्रभारी इंद्रजीत सिंह अनुसार अजीत अरोड़ा के बयान पर धारा 174 की कार्रवाई करवा कर पोस्टमार्टम के बाद शव उनके परिजनों को सौंप दिए गए हैं।

– सुनीलराय कामरेड

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