सिख धर्म की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं


लुधियाना: दलजीत दोसांझ की नई फिल्म ‘सुपर सिंघ’ रिलीज होने के 2 दिन बाद ही विवादों के शिकंजे में फंसती नजर आ रही है। फिल्म ‘सुपर सिंघ’ में सिख धर्म से संबंधित विवादित अंशों को शिरोमणि कमेटी के प्रधान कृपाल सिंह बडूंगर ने गंभीर नोटिस लिया है और इसके बारे में जांच कमेटी गठित कर दी है।  सिख धर्म के संबंधित विवादित अंशों का एसजीपीसी ने संज्ञान ले लिए है। इन सीनों को मुख्य रखते हुए एसजीपीसी के अध्यक्ष प्रो किरपाल सिंह बडूंगर के आदेशों पर एक चार सदस्यों वाली जांच कमेटी का गठन कर दिया है। इस जांच कमेटी में एसजीपीसी की कार्यकारिणी कमेटी के सदस्य भाई राम सिंह , सदस्य रजिंदर सिंह मेहता, उप सचिव सिमरजीत सिंह ओर धार्मिक परीक्षा के प्रभारी सुखदेव सिंह को शामिल किया गया है।

यह कमेटी फिल्म देखने के बाद जल्दी ही अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। प्रो बडूंगर ने कहा कि फिल्म में सिख धर्म के साथ संबंधित एतराज योग सीन होने संबंधी उनके पास काफी शिकायतें लिखित रूप में पहुंची है। शिकायतों में कहा गया कि फिल्म की कहानी यहां सिख फलसफा के खिलाफ बताई जा रही है वहीं यह भी कहा जा रहा है कि श्री हरिमंदिर साहिब और श्री अकाल तख्त साहिब के सबंध में भी मनमर्जी के दृश्य पेश किए गए है। उन्होंने कहा कि श्री हरिमंदिर साहिब और श्री अकाल तख्त साहिब के संबंध में किसी भी तरह की एतराज योग जानकारी फिल्मों में किसी भी रूप में फिल्माने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

श्री ​हरिमंदिर साहिब सिख धर्म के लिए अध्यात्मिकता का स्त्रोत है। फिल्मों में सिख धर्म संबंधी विवादित जानकारी भी किसी तरह पेश करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी की ओर से पहले भी कहा गया है कि सिख धर्म के संबंध में कोई भी फिल्म रिलीज करने से पहले उनको एसजीपीसी के पास दिखाया जाए ताकि बाद में किसी तरह का कोई विवाद पैदा न हो सके। व्यापार और निजी लालच के लिए किसी को भी सिख धर्म के लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

– सुनीलराय कामरेड