फास्टवे कंपनी को सर्विस टैक्स विभाग करेगा शोकॉज नोटिस जारी


लुधियाना : पंजाब में काबिज केबल नेटवर्क कंपनी ‘फास्टवे’ पर टैक्स चोरी को लेकर जहां पहले ही स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा बीस हजार करोड़ रूपये की टैक्स चोरी के आरोप लगाकर मोर्चा खोला हुआ है। फास्टवे कंपनी के खिलाफ सिद्धू द्वारा जांच की जा रही है, वहीं अब केंद्रीय सर्विस टैक्स विभाग भी सर्विस टैक्स चोरी के आरोप में ‘फास्टवे’ को शोकॉज नोटिस जारी करने जा रहा है। इसका खुलासा लुधियाना में आशुतोष बरनवाल सर्विस टैक्स कमिश्नर ने उस समय मीडिया से मुखातिब होते हुए किया, जब उनसे लोक इंसाफ पार्टी के प्रमुख एवं लुधियाना के विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने फास्टवे कंपनी पर 12,371 करोड के सर्विस टैक्स चोरी के मामले में कंपनी के मालिक गुरदीप सिंह जुझार की गिरफतारी और पैसे की रिकवरी संबंधी मेमोरंडम देने पहुंचे।

हालांकि कमिश्नर ने साफ किया कि विभाग द्वारा एक साल भर से कंपनी के सर्विस टैक्स चोरी के मामले की जांच की जा रही है जोकि लगभग पूरी हो चुकी है तथा अब जल्द ही कंपनी को शो कॉज नोटिस थमा दिया जाएंगा, जिसकी प्रक्रिया जारी है। उन्होंने इस बात के साफ संकेत भी दिये कि कुछ विभागीय अधिकारी संबंधित, कंपनी से मिलीभगत के शक में दंड भी भुगत रहे है। उनसे भी जवाब-तलबी की जा रही है। सर्विस टैक्स (जीएसटी) कमिश्नर ने बताया कि आज विभाग को एमएएल सिमरजीत सिंह बैंस द्वारा फास्टवे कंपनी पर 12 हजार करोड से अधिक के सर्विस टैक्स चोरी करने का आरोप लगाते हुए कुछ प्रावधानों का जिक्र करते हुए कार्रवाई की मांग का ज्ञापन सौंपा है और विभाग ने उन्हें निश्चित किया है कि चाहे कोई छोटी या बडी कंपनी हो, विभाग का दायित्व बनता है कि सरकार को पूरा सर्विस टैक्स मिले और चोरी करने वालों को भी जांच के बाद पकडा जाए। फास्टवे कंपनी के खिलाफ करीब साल भर पहले से ही विभाग जांच कर रहा है तथा उनके दस्तावेजों की जांच व बयान आदि की कार्रवाई की गई है तथा यह जांच अब लगभग अंतिम स्टेज पर है जिसके बाद अब जल्द ही कंपनी को शो कॉज नोटिस जारी किया जाएगा।

जिस प्रकार से पुलिस एफआईआर दर्ज करने के बाद चार्जशीट दाखिल करती है और कोर्ट में मामला चलता है, हमारे विभाग में दस्तावेजों की जांच, आडिट, बैलेंस शीटों के मिलान, स्टेटमेंट व लंबी जांच के बाद राशी के हिसाब से केस कमिश्नर, एडिशनल कमिश्नर के समक्ष पेश होता है। उन्होंने बताया कि इस मामले में भी अब शोकॉज नोटिस जारी किया जा रहा है।

कमिश्नर आशुतोष बरनाल ने इस मामले में अभी किसी भी प्रकार की राशी का खुलासा जांच तक करने से इंकार किया तथा कहा कि यह बहुत ही संवेधनशील मामला है तथा उन्हें यहां ज्वाइन किए दो दिन ही हुए है। जब उनसे विभाग के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत के बैंस के आरोपों बारे पूछा तो उन्होंने कहा कि इसलिए ही वो लोग दंड भुगत रहे है। लेकिन मेरी पूरी टीम बेहद योगय, ईमानदारी व निर्भीकता से जांच कर रही है।

इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत में लिप विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने कहा कि उनकी पार्टी द्वारा पूर्व बादल सरकार के शासनकाल में भी केबल माफिया के खिलाफ मोर्चा खोला गया था तथा अब वे सर्विस टैक्स के चंडीगढ व लुधियाना कमिश्रर को ज्ञापन देकर आए है कि फास्टवे कंपनी के मालिक गुरदीप जुझार नेजिनके पीछे असल में पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल का हाथ है, 12,371 करोड रूपये की सर्विस टैक्स की चोरी की है तथा विभाग के नियमों के अनुसार गुरदीप जुझार को गिरफतार करके जेल में डाला जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो लिप विभाग के चंडीगढ व लुधियाना दफतरों के बाहर धरने शुरू कर देगी।

इस मौके बैंस ने कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा फास्टवे द्वारा पंजाब में की टैक्स चोरी पर उठाए जा रहे कदमों की प्रशंसा की तथा कहा कि विपक्षी होने के बावजूद वह सिद्धू को सेल्यूट करते है कि उन्होंने सीएम से इस मुद्दे पर आर्डिनेस लाने की मंाग की तथा कहा कि यदि ऐसा नहीं होता तो वह एक कैबिनेट मंत्री होने के नाते विधानसभा में आर्डिनेस लाएंगे। जोकि एक दिलेरी वाला जन हितेषी कदम है। बैंस ने कहा कि यदि सरकार बादल के शासन काल वाले ऐेसे केबल, ट्रांसपोर्ट, लैंड, रेत आदि माफिया के बीस लोगों को ही काबू कर ले तो पंजाब व किसानों का कर्ज का मसला हल हो जाएगा।

– सुनीलराय कामरेड