फतेहगढ़ साहिब में तीन विधायकों ने राष्ट्रपति के नाम डीसी को सौंपा मांग पत्र


Fatehgarh Sahib

लुधियाना- फतेहगढ़ साहिब : सुप्रीम कोर्ट द्वारा एस.सी./एस.टी. कानून में किए संशोधन को लेकर कांग्रेस हाईकमान की काल पर आज पंजाबभर के जिला मुख्यालयों में कांग्रेसी नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने स्तर पर हिंसक घटनाओं के विरोध में उपवास रखा। घंटाघर लुधियाना स्थित कांग्रेसी मुख्यालय में भी कार्यकर्ताओं ने आज उपवास रखा। ऐसे ही कई उपवास फिरोजपुर, जालंधर, पटियाला, फगवाड़ा, गुरदासपुर समेत अन्य शहरों से भी जानकारी प्राप्त हुई है।

देश में दलितों पर अत्याचार किए जाने का आरोप लगाकर कांग्रेस द्वारा पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में भारत भर में पार्टी जिला मुख्यालयों पर व्रत किए गए। लुधियाना में शहरी व देहाती कांग्रेस की ओर से दिए जा रहे धरने में हिस्सा ले रहे नेताओं ने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार दलितों के खिलाफ काम कर रही है। ऐसे में दलित समाज के हितों की रक्षा हेतु राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी ने देशभर में व्रत रखने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि आज के ही दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने अनशन की शुरूआत की थी, इसलिए पार्टी द्वारा आज अनशन किया जा रहा है, जो सुबह 10 से शाम 5 बजे तक चला।

फतेहगढ़ साहिब के समूह कांग्रेसी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने डीसी दफ्तर के बाहर शांतिपूर्वक दो घंटे का उपवास रखकर केंद्र की मोदी सरकार को जमकर कोसा। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष हरिंदर सिंह भांबरी की अगुवाई में रखे इस कार्यक्रम में तीनों विधानसभा हलकों के विधायकों ने भी हिस्सा लिया और एक सुर में इसे दलित विरोधी करार दिया और डीसी कंवलप्रीत बराड़ को देश के राष्ट्रपति के नाम मांग पत्र भी सौंपा। जिला कांग्रेस प्रधान हरिंदर सिंह भांबरी, अमलोह के विधायक काका रणदीप सिंह, फतेहगढ़ साहिब के विधायक कुलजीत सिंह नागरा और विधायक गुरप्रीत सिंह जी.पी. ने कहा कि पंजाब के हर जिले में यह उपवास दिवस रखा गया है और सभी कांग्रेसी विधायकों और नेताओं की तरफ से भूख हड़ताल की गई।

केंद्र की सत्ता पर काबिज भाजपा सरकार पर आरोप लगाते नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार ने एस.सी./एस.टी. कानून पर कोई तर्क नहीं दिया और कानून में फेरबदल कर इसे दलितों से धक्का किया गया जबकि कांग्रेस पार्टी हमेशा दलित वर्ग के साथ चट्टान की तरह खड़ी है। भाजपा जाति पात के आधार पर वोटों की राजनीति कर रही है और इस फैसले से देश की एकता और अखंडता पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। नेताओं ने कहा कि एस.सी./एस.टी. कानून रद्द करवाने के लिए जो भी संघर्ष करना पड़ा वह किया जाएगा। साथ ही 2 अप्रैल के बंद दौरान जिन लोगों की जान गई उनके वारिसों को तरस के आधार पर नौकरी दीं जाएं।

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के दिशा निर्देशों के अंतर्गत पंजाब राज्यपाल को एक मांग पत्र देश के राष्ट्रपति के नाम भेजा गया ताकि दलित विरोधी फैसला वापिस लिया जा सके। इस मौके राजिंदर सिंह जख़वाली, ब्लाक प्रधान गुरमुख सिंह पंडराली, भुपिंदर सिंह बधौछी, बलविंदर सिंह मावी, अमनदीप सिंह बिट्टा, बलिहार सिंह चुन्नी, रणजीत सिंह तरखान माजरा, ब्लाक कांग्रेस मंडी गोबिंदगढ़ अध्यक्ष राजिन्दर बिट्टू, कुलविन्दर सिंह बागडिय़ा, जसविंदर सिंह समेत भारी संख्या में कांग्रेसी वर्कर मौजूद रहे।

– सुनीलराय कामरेड

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