नयी दिल्ली : कांग्रेस ने पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर गुजरात में पत्थर फेंकने की घटना की कड़ी भत्र्सना करते हुए आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी तथा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) ने साजिश के तहत उन पर जानलेवा हमला किया है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद तथा लोकसभा में पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खडग़े ने आज संसद भवन परिसर में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में इस घटना की कड़ी करते हुए कहा कि प्रथम श्रेणी की एसपीजी सुरक्षा प्राप्त श्री गांधी को सुरक्षा देने में केंद्र तथा राज्य सरकार असफल रही है। संवाददाता सम्मेलन में मौजूद राज्यसभा में कांग्रेस के उपनेता आनंद शर्मा तथा कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इसे राजनीतिक साजिश बताया और इसकी जांच कराने की मांग की।

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श्री आजाद ने कहा कि करीब डेढ़ किलोग्राम की ईंट तथा कंकरीट के टुकड़े को फेंककर श्री गांधी पर शुक्रवार को उस समय जानलेवा हमला किया गया जब वह गुजरात के बाढ़ प्रभावित बनासकांठा जिले के धनेरा में कुछ पीड़तिों से मिलने के बाद काफिले के साथ निकल रहे थे। धनेरा के मोड़ पर उनकी कार पर पत्थर फेंका गया जिससे कार की पीछे की खिड़की पर लगा शीशा टूट गया और पत्थर कार की सीट पर जा गिरा।

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उन्होंने कहा कि श्री गांधी अगली सीट पर बैठे थे और उनकी खिड़की का शीशा खुला हुआ था। हमले के लिए आरएसएस और भाजपा को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्होंने कहा कि श्री गांधी को सुरक्षा देना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। जल्द ही गुजरात विधानसभा के चुनाव होने हैं और श्री गांधी वहां प्रचार के लिए जाएंगे इसलिए राज्य सरकार को उनकी सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त करने चाहिए। श्री आजाद ने प्रेस कांफ्रेंस में वह पत्थर भी दिखाया जिसे फेंका गया था।

यह पूछने पर कि गुजरात सरकार ने बुलेट््प्रूफ गाड़ी उपलब्ध कराने की पेशकश की थी लेकिन कांग्रेस उपाध्यक्ष ने उसे ठुकरा दिया, श्री आजाद ने कहा कि बूलेटप्रूफ गाड़ी के शीशे नहीं खुलते हैं जबकि श्री गांधी शीशा खोलकर पीडि़तों की समस्या सुनना चाहते थे। उन्होंने कहा कि सुरक्षा देना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है और गुजरात सरकार इसमें असफल रही है।

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श्री खडगे ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस तरह के हमले लोकतंत्र और देश के हित में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मुसीबत में फंसे लोगों के पास जाना गुनाह नहीं होता है। श्री गांधी बाढ़ पीडि़तों की समस्या सुनने गए थे लेकिन उन पर हमला किया गया है और यह निंदनीय है।

श्री शर्मा ने कहा कि हिंसा भाजपा और आरएसएस की पंरपरा का हिस्सा है और इसी के तहत उसने कांग्रेस उपाध्यक्ष पर हमला किया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा देना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है और यह कहकर बच नहीं सकती कि श्री गांधी ने बुलेट प्रूफ गाड़ी लेने से इनकार किया था। संचार विभाग के प्रमुख श्री सुरजेवाला ने इस हमले को राज्य सरकार की नाकामयाबी बताया और कहा कि चार लोगों के खिलाफ कांग्रेस ने इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराने का प्रयास किया लेकिन पुलिस प्राथमिकी दर्ज नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि जिन चार लोगों के नाम प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया गया है वे सभी भाजपा के कार्यकर्ता हैं। श्री सुरजेवाला ने इसे कायराना हमला करार देते हुए कहा कि कांग्रेस इस तरह की साजिश का डटकर मुकाबला करेगी।