दिल्ली-एनसीआर में बारिश से मौसम सुहाना, भीषण गर्मी से  मिली राहत 


नई दिल्ली : भीषण गर्मी से परेशान लोगों को सोमवार सुबह राहत मिली है। सोमवार को दिल्ली एनसीआर में बारिश ने मौसम को सुहाना बना दिया। बारिश होने दिल्ली एनसीआर में लोगों को गर्मी से राहत मिली है। हांलांकि रविवार को दिल्ली एनसीआर में लोगों को चिलचिलाती धूप और उमस का सामना करना पडा। कई इलाकों में तो तापमान 45 डिग्री के पार चला गया था। हालांकि रविवार को भी दिल्ली एनसीआर में हल्की बारिश हुई लेकिन इसके बाद तेज धूप ने फिर से लोगों को परेशान कर दिया। सोमवार को तडके सुुबह से ही रूक रूक कर हो रही हल्की बारिश ने मौसम सुहाना बना दिया।

अगले दो दिन बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, 28 और 29 मई को दिल्ली एनसीआर में तेज गरज के साथ बारिश हो सकती है। साथ ही मौसम विभाग का कहना है कि 30 मई को भी कुछ इलाकों में बादल छाए रहेंगे।

मॉनसून के और आगे बढ़ने की संभावना
मौसम विभाग ने कहा कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र होने से दक्षिण पश्चिम मॉनसून के और आगे बढ़ने की संभावना है और इसके कल रात तक एक प्रचंड चक्रवातीय तूफान में तब्दील होने की उम्मीद है।

केरल में 30- 31 मई तक बारिश होने की संभावना
मौसम विभाग ने कहा कि केरल में 30- 31 मई तक बारिश होने की संभावना है और इसके साथ ही देश में मॉनसून दस्तक दे देगा। इस हफ्ते की शुरूआत में पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय में सचिव एम राजीवन ने कहा था कि 30 मई तक मॉनसून के आने की अनुकूल परिस्थितियां हैं।
मौसम विभाग के अनुसार हवा का कम दबाव का क्षेत्र मॉनसून के केरल और पूर्वोत्तर भारत में दस्तक देने में मदद करेगा। मौसम विभाग ने कहा कि दक्षिणपूर्व अरब सागर, मालदीव के क्षेत्र, दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी और पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी, दक्षिण पूर्व बंगाल की खाड़ी और पश्चिम मध्य और उत्तर पूर्व बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में अगले 24 घंटों में दक्षिण पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने की अनुकूल परिस्थितियां हैं।
इसने कहा कि पछुआ पवनों के मजबूत होने और इनके उत्तर दिशा की ओर मुड़ने की संभावना से दक्षिण पश्चिम मॉनसून और आगे बढ़ेगा और यह 30-31 मई के आसपास केरल एवं पूर्वोत्तर के राज्यों में पहुंच जाएगा। हवा के कम दबाव के क्षेत्र के 29-30 मई तक प्रचंड चक्रवाती तूफान में तब्दील होने और 30 मई के दोपहर तक चटगांव पार करने की संभावना है। मौसम विभाग ने कहा कि इससे असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम, मणिपुर, अरूणाचल प्रदेश और नगालैंड में भारी से बहुत भारी बारिश होगी।