मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने लिए 3 MOU


जयपुर : आज राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ ने कहा है कि राजस्थान में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के प्रयासों में तकनीकी सहयोग की कड़ी में टाटा ट्रस्ट, रिलायन्स फाउण्डेशन तथा यूएसएड के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत आज आसमान परियोजना का MOU हस्ताक्षर किए गए है।

राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ ने बताया कि यहां स्वास्थ्य भवन में सम्पन्न MOU हस्ताक्षर कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर आसमान परियोजना के तहत स्वास्थ्य विभाग का रिलायन्स फाउन्डेशन, टाटा ट्रस्ट, यूएसएड के मध्य MOU हस्ताक्षर किये गये। साथ ही नवकिरण परियोजना के तहत केयर्न एनर्जी के साथ तथा परिवार कल्याण गतिविधियों के लिए एनजेन्डर के साथ MOU हस्ताक्षर किये गये।

कार्यक्रम में अतिरिक्त निदेशक एनएचएम बी.एल. कोठारी, निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. वी.के.माथुर, परियोजना निदेशक मातृत्व स्वास्थ्य डॉ. तरुण चौधरी सहित संबंधित अधिकारीगण मौजूद थे।  MOU पर Reliance Foundation के उमेश भंडारी, केयर्न के महेन्द, यादव, टाटा ट्रस्ट के बी.एस। तारापोरेवाला, एनजेन्डर के सेनगुप्ता ने हस्ताक्षर किये।

इसके तहत अजमेर, भीलवाडा, कोटा तथा झालावाड जिलों में CHC एवं PHC स्तर तक अधिक प्रसव भार वाले चिकित्सा संस्थानों पर गुणवत्तापूर्ण प्रसव सेवाएं सुनिश्चित की जायेगी। श्री सराफ ने बताया कि इन संस्थानों के तकनीकी सहयेाग से इन केन्द्रों पर डॉक्टर तथा नर्सिंगकर्मियों के तकनीकी कौशल में सुधार लाया जायेगा और प्रसव पूर्व एवं पश्चात प्रभावी प्रसव चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करायी जायेगी।

उन्होंने कहा कि आसमान परियोजना द्वारा स्वास्थ्य केन्द्रों पर तकनीकी सहयोग भी उपलब्ध कराया जायेगा साथ ही Tablet, Digital recording system आदि भी उपलब्ध करायी जायेगी। उन्होंने इस परियोजना में इन तीनों संस्थाओं द्वारा मिलकर अगले 3 सालो में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संबंधित कार्यों पर लगभग 70 करोड़ रुपये की राशि व्यय की जायेगी।

कालीचरण सराफ ने कहा कि केयर्न फाउण्डेशन प्रदेश के बाड़मेर जिले में आपातकालीन प्रसव सेवा में सहयोग के लिए आगे आया है। उन्होंने कहा कि Cairn Foundation के सहयोग से बाड़मेर जिले के बायतु, सिन्दरी, धोरीमन्ना एवं बालोतरा के FRU में 24 घंटे स्त्री रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ सहित निश्चेतन विशेषज्ञ की सेवाएं भी नियमित उपलब्ध होंगी। इन तीनों के उपलब्ध होने से अब इन चारों FRU पर आपातकालीन प्रसव सुविधाएं सहित सिजेरियन प्रसव की सेवाएं भी प्रारंभ हो जायेंगी।

उन्होंने कहा कि Cairn Foundation द्वारा इन कार्यों पर अगले 3 सालो में करीब 9 करोड़ रुपये की राशि व्यय की जायेगी तथा अगले चरण में Cairn Foundation द्वारा अन्य जिलों में भी 25 और FRU पर यह सेवाएं सुलभ करवायी जायेंगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदेश में आपातकालीन प्रसव सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्धेश्य से दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में 153 FRU चिन्हित किये हैं।

इन केन्द्रों पर स्त्रीरोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ और निश्चेतन विशेषज्ञ की सेवायें सुनिश्चित करने के विशेष प्रयास किये जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि Enanger health संस्था साल 1988 से देश में परिवार नियोजन, प्रजनन एवं मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाने के साथ ही इनमें आवश्यक सुधार लाने के लिए कटिबद्ध होकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि Enanger health संस्था झारखण्ड, बिहार, उत्तरप्रदेश एवं गुजरात एवं राजस्थान में कार्यरत है।

प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती वीनू गुप्ता ने कहा कि राजस्थान में मातृ एवं शिशु मृत्युदर को कम करने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के आधारभूत ढांचे को  सुदृढ़ करने के साथ ही तकनीकी कौशल को भी बढ़ावा देने के प्रयास किये जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं सुलभ कराने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए आवश्कतानुसार निजी चिकित्सकों की भी सेवाएं ली जा रही हैं।